
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में देश की नई सरकार ने विदेश नीति का ऐलान कर दिया है, जिसमें “नेपाल प्रथम: नेपाली प्रथम” को केंद्र में रखा गया है। इस नई नीति में राष्ट्रीय हित, संप्रभुता और आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, साथ ही वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के बीच संतुलित कूटनीति अपनाने का संकेत दिया गया है।
‘नेपाल प्रथम’ की नीति पर सरकार का बड़ा जोर
नई विदेश नीति में स्पष्ट किया गया है कि देश की संप्रभुता, भौगोलिक अखंडता और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेंगे। सरकार का मानना है कि बदलते वैश्विक समीकरणों और पड़ोसी देशों के बढ़ते प्रभाव को नेपाल अपने विकास के अवसर में बदल सकता है। इसके लिए संतुलित, व्यावहारिक और गतिशील कूटनीति अपनाने की रणनीति तैयार की गई है।
‘बफर स्टेट’ नहीं, अब ‘ब्रिज’ बनेगा नेपाल
नीति का सबसे अहम पहलू यह है कि नेपाल खुद को अब ‘बफर स्टेट’ (दो शक्तियों के बीच स्थित देश) के बजाय ‘ब्रिज स्टेट’ के रूप में विकसित करेगा। इसका उद्देश्य आर्थिक साझेदारी, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है, जिससे देश को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
भारत और चीन के साथ संतुलित संबंध की रणनीति
नई विदेश नीति में भारत और चीन के साथ संबंधों को लेकर संतुलन की नीति अपनाने की बात कही गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह दोनों पड़ोसी देशों के साथ समान दूरी और समान निकटता बनाए रखेगी, ताकि किसी एक पर निर्भरता न बढ़े और स्वतंत्र विदेश नीति कायम रहे।
सैन्य गठबंधनों से दूरी बनाए रखेगा नेपाल
सरकार ने साफ कर दिया है कि नेपाल किसी भी सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा। नीति में कहा गया है कि हथियारों की होड़ और सैन्य प्रतिस्पर्धा शांति के लिए खतरा हैं। ऐसे में नेपाल खुद को एक स्वतंत्र, तटस्थ और गुटनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा।
कूटनीति में पारदर्शिता और प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन
नई नीति के तहत विदेशों में स्थित नेपाली दूतावासों और राजनयिक मिशनों के कामकाज का वैज्ञानिक आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए ‘प्रदर्शन लेखापरीक्षा’ प्रणाली लागू करने की योजना है, जिससे कूटनीतिक कार्यों में जवाबदेही और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
वैश्विक मुद्दों पर नेपाल की सक्रिय भागीदारी
नेपाल ने जलवायु परिवर्तन, हिमालय संरक्षण, पर्वतीय क्षेत्रों की चुनौतियों और भू-आवेष्ठित (Landlocked) देशों के हितों जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज मजबूत करने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही विदेशों में काम कर रहे नेपाली नागरिकों के अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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