
ढाका। भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से चल रही कड़वाहट अब खत्म होती दिखाई दे रही है। नई सरकार के गठन के बाद भारत ने बांग्लादेश में सभी वीजा सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अंतरिम शासन के दौर में दोनों देशों के रिश्ते निचले स्तर पर पहुंच गए थे। अब नई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच संबंधों में सुधार के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।
नई सरकार के साथ रिश्तों में नई शुरुआत
अंतरिम शासन के दौरान पैदा हुए तनाव के बाद हालात तेजी से बदल रहे हैं। मोहम्मद यूनुस के सत्ता से हटने और तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नई सरकार के गठन के साथ ही दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग की प्रक्रिया फिर सक्रिय हो गई है।
वीजा सेवाएं बहाल करने की प्रक्रिया शुरू
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिलहट में तैनात भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने जानकारी दी कि सभी श्रेणियों की वीजा सेवाओं को पूर्ण रूप से बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल मेडिकल और डबल एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं, जबकि ट्रैवल वीजा सहित अन्य कैटेगरी को भी जल्द शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने सिलहट डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब में कहा कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते आपसी सम्मान और सहयोग की मजबूत नींव पर टिके हैं।
सुरक्षा चिंताओं के कारण रुकी थीं सेवाएं
अंतरिम सरकार के कार्यकाल में भारतीय मिशनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई थीं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए भारत ने एहतियातन वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। उस समय दोनों देशों के संबंधों में ठंडापन साफ दिखाई दे रहा था।
व्यापार, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र को मिलेगा लाभ
वीजा सेवाओं की बहाली से सबसे अधिक लाभ व्यापारियों, छात्रों और चिकित्सा उपचार के लिए भारत आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को होगा। भारत लंबे समय से बांग्लादेश के नागरिकों के लिए प्रमुख मेडिकल और एजुकेशनल डेस्टिनेशन रहा है। ऐसे में यह कदम दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को फिर से मजबूत करेगा।
कूटनीतिक रिश्तों में नई ऊर्जा
विशेषज्ञों का मानना है कि नई राजनीतिक परिस्थितियां द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा भर सकती हैं। सीमा सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर दोनों देश फिर से मिलकर काम कर सकते हैं। वीजा सेवाओं की बहाली को इसी व्यापक कूटनीतिक सुधार का संकेत माना जा रहा है।
भारत और बांग्लादेश के बीच बदलते समीकरण यह दिखा रहे हैं कि राजनीतिक परिवर्तन का असर कूटनीति पर सीधे तौर पर पड़ता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ताओं और सहयोगी समझौतों की संभावना भी जताई जा रही है।
Hindustan Awaaz – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया