Asian Games 2026: भारत को पहला मेडल दिला सकता है ये अनजान खेल, जानिए क्या है टेकबॉल और कैसे खेला जाता है?

जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 का आगाज हो चुका है और भारतीय खिलाड़ियों ने भी मेडल की दौड़ में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। इस बार भारत के खाते में सबसे पहला पदक किसी पारंपरिक और चर्चित खेल से नहीं, बल्कि एक ऐसे खेल से आ सकता है जिसके बारे में देश में अभी भी बहुत कम लोग जानते हैं। यह खेल है टेकबॉल (Teqball)

टेकबॉल पहली बार एशियन गेम्स का हिस्सा बना है और भारतीय खिलाड़ी क्विम्सी डीसूजा ने इसके महिला सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जगह बना ली है। इसके अलावा क्विम्सी और मोहम्मद अनस इमरान बेग की मिश्रित जोड़ी भी मिक्स्ड डबल्स में पदक की दौड़ में है। ऐसे में भारत के पास टेकबॉल में एक नहीं, बल्कि दो मेडल हासिल करने का मौका है।

पहली ही एंट्री में भारत के लिए मेडल का मौका

एशियन गेम्स में टेकबॉल की शुरुआत भारत के लिए बेहद खास हो सकती है। महिला सिंगल्स में क्विम्सी डीसूजा ने अपने अभियान की शुरुआत जापान की शीर्ष वरीय खिलाड़ियों में शामिल यूइना सकामोटो के खिलाफ की। शुरुआती सेट गंवाने के बाद भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबला 2-1 से अपने नाम किया।

इसके बाद क्विम्सी ने कंबोडिया की कोएमियन डीवाई को सीधे सेटों में हराकर ग्रुप चरण में अपनी स्थिति मजबूत की। सेमीफाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया की सुमाया से हुआ। क्विम्सी ने पहला सेट जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने अगले दोनों सेट अपने नाम कर फाइनल में जगह बना ली। अब क्विम्सी ब्रॉन्ज मेडल के लिए जापान की यूइना सकामोटो के सामने उतरेंगी।

मिक्स्ड डबल्स में भी भारत की दावेदारी

क्विम्सी डीसूजा का मेडल अभियान सिर्फ महिला सिंगल्स तक सीमित नहीं है। वह मोहम्मद अनस इमरान बेग के साथ मिक्स्ड डबल्स में भी भारत की चुनौती पेश कर रही हैं।

भारतीय जोड़ी ने रेपेचेज मुकाबले में फिलीपींस की जोड़ी को 2-0 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जगह बनाई। इस जीत के साथ क्विम्सी के पास एशियन गेम्स के डेब्यू में भारत के लिए दो पदक जीतने का मौका बन गया है।

आखिर क्या है टेकबॉल?

नाम सुनकर भले ही टेकबॉल कोई बेहद जटिल खेल लगे, लेकिन इसे समझने का आसान तरीका है—फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण। हालांकि इसमें टेबल टेनिस की तरह रैकेट या पैडल इस्तेमाल नहीं किया जाता।

इस खेल में एक विशेष तरह की घुमावदार यानी कर्व्ड टेबल होती है। खिलाड़ी फुटबॉल का इस्तेमाल करते हुए गेंद को टेबल के दूसरी तरफ भेजते हैं। खेल में पैरों के साथ शरीर के दूसरे हिस्सों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन हाथों का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

हंगरी में हुई थी टेकबॉल की शुरुआत

टेकबॉल अपेक्षाकृत नया खेल है। इसकी शुरुआत हंगरी में हुई और इसे फुटबॉल के कौशल तथा टेबल आधारित खेलों के बीच एक नए प्रारूप के तौर पर विकसित किया गया। समय के साथ यह खेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा और अब एशियन गेम्स जैसे बड़े बहु-खेल आयोजन में भी जगह बना चुका है।

टेकबॉल की खासियत यह है कि इसमें खिलाड़ी को गेंद पर नियंत्रण, सटीकता, संतुलन और फुटबॉल जैसी तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ता है। यही वजह है कि देखने में यह खेल फुटबॉल जैसा लगता है, लेकिन इसकी खेलने की शैली टेबल टेनिस जैसे रिटर्न आधारित खेलों से अलग अनुभव देती है।

कैसे खेला जाता है टेकबॉल?

टेकबॉल में घुमावदार टेबल खेल का सबसे अहम हिस्सा होती है। खिलाड़ी गेंद को टेबल पर इस तरह खेलते हैं कि विरोधी खिलाड़ी उसे निर्धारित नियमों के मुताबिक वापस भेज सके। खेल में फुटबॉल की तकनीकों का इस्तेमाल होता है और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

इस खेल में खिलाड़ियों को गेंद को अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों से नियंत्रित करते हुए प्रतिद्वंद्वी की ओर भेजना होता है। उपलब्ध नियमों के अनुसार एक खिलाड़ी गेंद को अधिकतम तीन टच में वापस भेज सकता है और लगातार एक ही बॉडी पार्ट का इस्तेमाल करने पर भी पाबंदियां होती हैं।

एशियन गेम्स में पहली बार शामिल हुआ टेकबॉल

आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 टेकबॉल के लिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार यह खेल एशियाई खेलों के आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इस संस्करण में पुरुष और महिला सिंगल्स, पुरुष और महिला डबल्स तथा मिक्स्ड डबल्स सहित पांच मेडल इवेंट रखे गए हैं।

भारत के लिए इस खेल का एशियन गेम्स डेब्यू इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि क्विम्सी डीसूजा ने शुरुआत में ही मजबूत प्रदर्शन करते हुए पदक की स्थिति तक पहुंच बनाई है।

अब रविवार को इतिहास रचने का मौका

क्विम्सी डीसूजा के सामने अब महिला सिंगल्स के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जापान की यूइना सकामोटो होंगी। दूसरी ओर मिक्स्ड डबल्स में भी भारतीय जोड़ी पदक की दावेदार बनी हुई है।

यानी एशियन गेम्स 2026 में भारत के शुरुआती पदकों की कहानी क्रिकेट, हॉकी या कुश्ती जैसे लोकप्रिय खेलों से नहीं, बल्कि टेकबॉल जैसे अपेक्षाकृत अनजान खेल से शुरू हो सकती है। अगर भारतीय खिलाड़ी अपने अगले मुकाबले जीतते हैं तो टेकबॉल के एशियन गेम्स डेब्यू को भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि में बदला जा सकता है।

Check Also

ICC T20I Rankings: टीम इंडिया का दबदबा, अभिषेक शर्मा ने पाकिस्तानी बल्लेबाज को पछाड़ा; ईशान किशन नंबर-1

आईसीसी की ताजा टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला है। ईशान किशन दुनिया के नंबर-1 टी20I …