
जहां एक तरफ उद्घाटन समारोह में तकनीक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा, वहीं स्टेडियम की कुछ खाली सीटें भी चर्चा का विषय बनीं। समारोह के दौरान कई हिस्सों में दर्शक क्षमता पूरी तरह भरी हुई नजर नहीं आई। इस दृश्य ने सोशल मीडिया और खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।
एशियन गेम्स के आयोजन से पहले नागोया में व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल सामने आए थे। खिलाड़ियों और अधिकारियों की ओर से आवास तथा परिवहन से जुड़ी दिक्कतों की खबरें आई थीं। पारंपरिक गेम्स विलेज के बजाय होटल, कंटेनर शैली के आवास और क्रूज शिप जैसी अलग-अलग व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया गया है।
45 देशों के खिलाड़ी एशिया के सबसे बड़े खेल मंच पर
एशियन गेम्स 2026 में 45 देश और क्षेत्र हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिताओं में हजारों खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। कुल 43 खेलों में मुकाबले होने हैं, जबकि 369 स्वर्ण पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा होगी। कुछ खेलों की प्रतियोगिताएं उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी थीं, लेकिन शनिवार के समारोह के साथ खेलों का आधिकारिक उद्घाटन हुआ।
भारत की नजर पिछले प्रदर्शन से आगे निकलने पर
भारत इस बार भी मजबूत दल के साथ एशियन गेम्स में उतरा है। पिछले एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया था। अब नागोया में भारतीय दल की कोशिश उस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की होगी। शूटिंग, एथलेटिक्स, कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, कबड्डी और हॉकी समेत कई खेलों में भारत के खिलाड़ियों पर नजर रहेगी।
मनु भाकर शूटिंग में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं, जबकि पवन सेहरावत के नेतृत्व में कबड्डी टीम अपने खिताब को बरकरार रखने की चुनौती के साथ उतरेगी। ऐसे में उद्घाटन समारोह में दोनों का तिरंगा लेकर आगे चलना भारतीय दल के अभियान की शुरुआत का यादगार दृश्य बन गया।
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