नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने विदेशी अंशदान से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को FCRA 2.0 Portal और e-OCI Card सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया। सरकार का दावा है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से 50 लाख से अधिक OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड धारकों को बड़ी राहत मिलेगी, जबकि विदेशी अंशदान (Foreign Contribution) से जुड़े आवेदनों की प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक आसान और तेज होगी।
e-OCI Card से लाखों प्रवासी भारतीयों को मिलेगी नई सुविधा
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि e-OCI Card सेवा शुरू होने से दुनिया के विभिन्न देशों में रहने वाले 50 लाख से अधिक OCI कार्ड धारकों को कई तरह की सुविधाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगी। इससे दस्तावेजों के प्रबंधन, सत्यापन और सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को सरकारी प्रक्रियाओं में कम समय और कम परेशानी का सामना करना पड़े।
‘Minimum Government, Maximum Governance’ के सिद्धांत पर सरकार का जोर
इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार “Minimum Government, Maximum Governance” के सिद्धांत पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार की नीयत स्पष्ट हो, नीतियां पारदर्शी हों और तकनीक को शासन व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए, तब ईमानदार नागरिकों के लिए व्यवस्था सरल बनती है और नियमों का दुरुपयोग करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होता है।
2014 के बाद FCRA व्यवस्था में हुए बड़े बदलाव
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले विदेशी अंशदान से संबंधित व्यवस्था काफी हद तक कागजी प्रक्रियाओं पर आधारित थी, जिससे निगरानी और पारदर्शिता दोनों प्रभावित होती थीं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने FCRA प्रणाली को अधिक मजबूत और डिजिटल बनाने पर विशेष ध्यान दिया है।
उनके अनुसार, विदेशी अंशदान से जुड़े आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना, कागजी कार्यवाही कम करना और विदेशी फंड के प्रवाह पर प्रभावी निगरानी रखना राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
FCRA 2.0 Portal से क्या होंगे बड़े फायदे?
सरकार के अनुसार FCRA 2.0 Portal लागू होने के बाद विदेशी अंशदान से संबंधित पूरी प्रक्रिया अधिक आधुनिक और पारदर्शी हो जाएगी। इसके तहत कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता काफी कम होगी और अधिकांश कार्य ऑनलाइन माध्यम से पूरे किए जा सकेंगे।
नई व्यवस्था के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं—
- विदेशी अंशदान से जुड़े आवेदनों की प्रोसेसिंग पहले से अधिक तेज होगी।
- कागजी कार्यवाही में उल्लेखनीय कमी आएगी।
- दस्तावेजों को भौतिक रूप से जमा कराने की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाएगी।
- विदेशी अंशदान की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।
- नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध विदेशी फंडिंग पर अधिक प्रभावी नजर रखी जा सकेगी।
- पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, डिजिटल और जवाबदेह बनेगी।
डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा नया विस्तार
केंद्र सरकार का मानना है कि FCRA 2.0 Portal और e-OCI Card जैसी डिजिटल सेवाएं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ाएंगी। इससे न केवल OCI कार्ड धारकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि विदेशी अंशदान से जुड़े मामलों की निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
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