वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक कुर्सी संभालना चाहते हैं अजीत अगरकर, BCCI के सामने ‘सफलता बनाम टेस्ट नाकामी’ की बड़ी दुविधा

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों एक अहम मुद्दा चर्चा के केंद्र में है। सीनियर मेंस चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अपना कार्यकाल 2027 के वनडे विश्व कप तक बढ़ाने की इच्छा जताई है। उनकी यह मांग ऐसे समय आई है जब टीम इंडिया ने उनके कार्यकाल में लगातार आईसीसी ट्रॉफियां जीतकर इतिहास रचा है।

तीन ICC खिताब के बाद बढ़ी दावेदारी

अगरकर की अगुवाई में भारतीय टीम ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। टीम ने ICC Men’s T20 World Cup 2024, ICC Champions Trophy 2025 और ICC Men’s T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए हैं। ऐसे में उनका यह कहना कि उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक जिम्मेदारी दी जाए, पूरी तरह से उनके प्रदर्शन पर आधारित है।

बताया जा रहा है कि उनका कॉन्ट्रैक्ट पहले ही आईपीएल 2025 से पहले एक साल के लिए बढ़ाया जा चुका था। अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए यह नई मांग रखी है।

BCCI के सामने बड़ा फैसला

हालांकि BCCI की ओर से अभी तक इस मांग पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बोर्ड अध्यक्ष मिथुन मन्हास और सचिव देवजीत सैकिया इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो बोर्ड के भीतर इस मुद्दे पर गहन चर्चा चल रही है।

सफेद गेंद में दबदबा, टेस्ट में चिंता

अगरकर के कार्यकाल में भारत का सीमित ओवरों का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। टीम ने पिछले 33 मैचों में से सिर्फ 2 में हार का सामना किया है। इसके अलावा Asia Cup 2023 और Asia Cup 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंट भी भारत ने अपने नाम किए हैं।

लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू टेस्ट क्रिकेट में नजर आता है। यहां टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। घरेलू मैदान पर लगातार दो टेस्ट सीरीज गंवाना और Border-Gavaskar Trophy में हार ने चयन समिति की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं।

नए विकल्प पर भी नजर

इसी वजह से BCCI के अंदर एक धड़ा बदलाव के पक्ष में भी नजर आ रहा है। चर्चा है कि वेस्ट जोन से ही किसी अन्य पूर्व खिलाड़ी को चयन समिति का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि अभी कोई नाम सामने नहीं आया है, लेकिन यह साफ है कि बोर्ड के लिए यह फैसला आसान नहीं होगा।

क्या मिलेगा सफलता का इनाम?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सीमित ओवरों में मिली ऐतिहासिक सफलता अगरकर को कार्यकाल विस्तार दिलाएगी या फिर टेस्ट क्रिकेट की असफलता उनके रास्ते में बाधा बनेगी। आने वाले दिनों में BCCI का फैसला भारतीय क्रिकेट की दिशा तय कर सकता है।

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