
ढाका। बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में 12 फरवरी 2026 की तारीख एक अहम मोड़ के रूप में दर्ज हो गई। अंतरिम मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार सुबह राजधानी ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज में अपना वोट डालने के बाद कहा कि “आज नए बांग्लादेश का जन्मदिन है।” देश में पिछले साल हुए बड़े राजनीतिक उथल-पुथल के बाद पहली बार 13वें संसदीय चुनाव और संवैधानिक जनमत संग्रह के लिए मतदान हो रहा है। लगभग 12.7 करोड़ मतदाता इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या युवा वोटरों की है।
‘डरावने अतीत’ को जनता ने किया खारिज: यूनुस
वोट डालने के बाद मीडिया से बातचीत में मोहम्मद यूनुस ने इस दिन को उत्सव जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि एक नए दौर की शुरुआत है। उनके मुताबिक, देश की जनता ने पुराने ‘डरावने अतीत’ को नकारते हुए बदलाव के पक्ष में वोट देने का मन बना लिया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनमत संग्रह में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें ताकि मजबूत और पारदर्शी शासन की नींव रखी जा सके। यूनुस ने भरोसा जताया कि यह मतदान बांग्लादेश को स्थिरता और विकास की नई दिशा देगा।
तारिक रहमान ने डाला वोट, बोले- 10 साल का इंतजार खत्म
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान ने भी उसी मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लंबे समय तक निर्वासन में रहने के बाद पिछले साल देश लौटे रहमान ने कहा कि बांग्लादेश के लोग बीते दस वर्षों से इस मौके का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो महिला सशक्तिकरण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कुछ स्थानों पर झड़प की खबरों के बीच उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भरोसा जताया और लोगों से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की। उनके अनुसार, भारी मतदान किसी भी साजिश को नाकाम कर सकता है।
जमात-ए-इस्लामी की दो टूक- फ्री एंड फेयर चुनाव जरूरी
जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने मतदान के बाद स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी परिणाम तभी स्वीकार करेगी जब चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होंगे। उन्होंने बताया कि 2014, 2018 और 2024 के चुनावों में वे जेल में होने के कारण मतदान नहीं कर पाए थे। इस बार वोट डालने का मौका मिलने पर उन्होंने इसे लोकतंत्र की वापसी करार दिया। रहमान ने कहा कि देश को ऐसी सरकार चाहिए जो किसी एक परिवार या दल की नहीं, बल्कि पूरे 18 करोड़ नागरिकों का प्रतिनिधित्व करे।
चुनाव के केंद्र में चार बड़े मुद्दे
इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है। मतदाता भ्रष्टाचार, महंगाई, रोजगार और आर्थिक विकास जैसे चार प्रमुख मुद्दों पर ठोस समाधान चाहते हैं। इसके साथ ही ‘नेशनल चार्टर 2025’ पर जनमत संग्रह भी हो रहा है, जो भविष्य की नीतियों और शासन व्यवस्था की दिशा तय करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, युवा वोटरों की निर्णायक भूमिका इस चुनाव को ऐतिहासिक बना रही है।
आंकड़ों में चुनाव की तस्वीर
चुनाव आयोग के अनुसार देश में करीब 12.7 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 18 से 37 वर्ष आयु वर्ग के युवा लगभग आधे हैं। पहली बार वोट देने वाले युवाओं की संख्या करीब 45.7 लाख बताई गई है। कुल 59 पंजीकृत दलों में से 51 चुनाव मैदान में हैं और 1,981 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 249 निर्दलीय हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का पंजीकरण निलंबित होने के कारण वह इस चुनावी दौड़ से बाहर है।
सुबह से कतारें, अब नतीजों का इंतजार
मतदान केंद्रों पर सुबह छह बजे से ही लंबी कतारें देखी गईं। मतदान शाम चार बजे तक जारी रहेगा, जिसके बाद मतगणना शुरू होगी। चुनाव आयोग 13 फरवरी की सुबह आधिकारिक परिणाम घोषित करेगा। पूरे देश की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह चुनाव सचमुच ‘नए बांग्लादेश’ की शुरुआत साबित होगा।
Hindustan Awaaz – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया