
नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 की मतगणना के बीच मुकाबला लगातार रोमांचक होता जा रहा है। अलग-अलग राउंड की गिनती के साथ उम्मीदवारों की स्थिति बदल रही है और खासतौर पर अध्यक्ष पद पर मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ है। 19 सितंबर को सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों में एबीवीपी के यश डबास आगे रहे, लेकिन बाद के राउंड में एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा ने बढ़त बनाई। अध्यक्ष पद पर बदलती रही तस्वीरणा को 1191 वोट मिले। इसके बाद राउंड-दर-राउंड मुकाबला बदलता गया और एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद की दौड़ में वापसी की। गिनती पूरी होने तक विजय शंकर मी पर भी मुकाबला कम दिलचस्प नहीं है। 13वें राउंड तक एनएसयूआई के गोपाल चौधरी को 10,403 वोट मिले थे, जबकि एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह के खाते में 9,755 वोट थे। निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव को 9,898 वोट मिले थे। 5,339 वोट से महज 74 वोट आगे थे। इससे साफ है कि इस पद पर भी हर राउंड के साथ स्थिति बदलती रही है। और संयुक्त सचिव यानी चार केंद्रीय पदों के लिए मतदान हुआ था। मतगणना दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में की जा रही है। चुनाव में 52 कॉलेजों और विभागों में मतदान केंद्र बनाए गए थे। दाता पात्र थे। हुए हैं। 13वें राउंड तक उन्हें 19,973 वोट मिले थे। वहीं एबीवीपी के ईशू मौर्य को 10,127 वोट मिले। एनएसयूआई के वीर चतरथ इस चरण में 3,000 से अधिक वोट पर थे। 13वें राउंड तक रिया छावड़ी को 12,751 वोट मिले थे, जबकि एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 9,895 वोट मिले। शुरुआती राउंड से ही इस पद पर एबीवीपी उम्मीदवार बढ़त में दिखाई दे रही थीं। ठनों और उम्मीदवारों के समर्थकों की नजर मतगणना पर बनी हुई है। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच बदलती बढ़त ने मुकाबले को और महत्वपूर्ण बना दिया है। मतगणना के आगे के राउंड में तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। हॉस्टल की कमी, सुरक्षित आवास, महिला सुरक्षा, मेट्रो पास, कॉलेजों का बुनियादी ढांचा और फीस जैसे विषय प्रमुख रहे। दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद सुरक्षित इमारत और छात्र आवास का मुद्दा भी चुनावी चर्चा में रहा। व्यवस्था कड़ी रखी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है तथा प्रमुख मार्गों पर यातायात संबंधी प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी रोक लगाई है।
मतगणना के शुरुआती चरण में एबीवीपी के यश डबास ने बढ़त बनाई थी। पहले राउंड में डबास को 1305 वोट मिले थे, जबकि एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 1191 वोट मिले। इसके बाद राउंड-दर-राउंड मुकाबला बदलता गया और एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद की दौड़ में वापसी की।
13वें राउंड की गिनती पूरी होने तक विजय शंकर मीणा को 15,203 वोट और यश डबास को 14,919 वोट मिले थे। यानी इस चरण पर दोनों के बीच अंतर 284 वोट का था। इससे पहले 10वें राउंड में भी एनएसयूआई उम्मीदवार 11,962 वोट के साथ आगे थे, जबकि एबीवीपी के यश डबास को 11,472 वोट मिले थे।
ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर भी नजदीकी मुकाबला
डूसू के संयुक्त सचिव यानी ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर भी मुकाबला कम दिलचस्प नहीं है। 13वें राउंड तक एनएसयूआई के गोपाल चौधरी को 10,403 वोट मिले थे, जबकि एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह के खाते में 9,755 वोट थे। निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव को 9,898 वोट मिले थे।
इससे पहले 10वें राउंड में लक्ष्य राज सिंह 5,413 वोट के साथ गोपाल चौधरी के 5,339 वोट से महज 74 वोट आगे थे। इससे साफ है कि इस पद पर भी हर राउंड के साथ स्थिति बदलती रही है।
चार केंद्रीय पदों के लिए हो रही मतगणना
डूसू चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव यानी चार केंद्रीय पदों के लिए मतदान हुआ था। मतगणना दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में की जा रही है। चुनाव में 52 कॉलेजों और विभागों में मतदान केंद्र बनाए गए थे।
इस बार डूसू चुनाव में 40.46 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले साल के 39.45 फीसदी मतदान से 1.01 प्रतिशत अधिक है। चुनाव में करीब 1.51 लाख छात्र मतदाता पात्र थे।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे
उपाध्यक्ष पद की तस्वीर भी अलग बनी हुई है। शुरुआती रुझानों से ही निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन बढ़त बनाए हुए हैं। 13वें राउंड तक उन्हें 19,973 वोट मिले थे। वहीं एबीवीपी के ईशू मौर्य को 10,127 वोट मिले। एनएसयूआई के वीर चतरथ इस चरण में 3,000 से अधिक वोट पर थे।
सचिव पद पर एबीवीपी की बढ़त
सचिव पद की मतगणना में एबीवीपी की रिया छावड़ी बढ़त बनाए हुए हैं। 13वें राउंड तक रिया छावड़ी को 12,751 वोट मिले थे, जबकि एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 9,895 वोट मिले। शुरुआती राउंड से ही इस पद पर एबीवीपी उम्मीदवार बढ़त में दिखाई दे रही थीं।
मतदान के बाद से ही परिणाम पर नजर
डूसू चुनाव के नतीजों को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में सुबह से ही छात्र संगठनों और उम्मीदवारों के समर्थकों की नजर मतगणना पर बनी हुई है। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच बदलती बढ़त ने मुकाबले को और महत्वपूर्ण बना दिया है। मतगणना के आगे के राउंड में तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इस वर्ष चुनाव से पहले छात्र मुद्दों में हॉस्टल की कमी, सुरक्षित आवास, महिला सुरक्षा, मेट्रो पास, कॉलेजों का बुनियादी ढांचा और फीस जैसे विषय प्रमुख रहे। दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद सुरक्षित इमारत और छात्र आवास का मुद्दा भी चुनावी चर्चा में रहा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है तथा प्रमुख मार्गों पर यातायात संबंधी प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी रोक लगाई है।
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