जीभ का लाल और चिकना होना नहीं है मामूली बात, शरीर में छिपी इन 5 बीमारियों का हो सकता है संकेत

Tongue Health: अक्सर लोग जीभ के रंग और उसकी सतह में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज कर देते हैं। सामान्य तौर पर जीभ हल्की गुलाबी और थोड़ी खुरदरी दिखाई देती है, लेकिन अगर अचानक जीभ का रंग ज्यादा लाल हो जाए, वह असामान्य रूप से चिकनी नजर आने लगे या उसमें जलन जैसी समस्या महसूस हो, तो इसे केवल सामान्य बदलाव मानकर टालना ठीक नहीं है। मुंह और जीभ में होने वाले कुछ बदलाव शरीर में पोषण की कमी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जीभ की स्थिति से स्वास्थ्य के बारे में कुछ संकेत जरूर मिल सकते हैं, हालांकि केवल जीभ देखकर किसी बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए लक्षणों की अवधि, खानपान, दवाओं और दूसरे शारीरिक संकेतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

जीभ लाल और चिकनी क्यों दिखाई दे सकती है?

जीभ की सतह पर बहुत छोटे-छोटे उभार होते हैं, जिन्हें पैपिला कहा जाता है। कुछ परिस्थितियों में इनकी बनावट और दिखाई देने की क्षमता में बदलाव आ सकता है, जिससे जीभ सामान्य से ज्यादा चिकनी नजर आती है। यदि इसके साथ जीभ का रंग भी गहरा लाल हो जाए, दर्द या जलन महसूस हो अथवा यह बदलाव लंबे समय तक बना रहे, तो इसके पीछे पोषण संबंधी कमी समेत कई कारण हो सकते हैं।

1. शरीर में आयरन की कमी

आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया शरीर में कई तरह के लक्षण पैदा कर सकता है। कुछ लोगों में इसके साथ जीभ में दर्द, संवेदनशीलता या असामान्य चिकनापन भी देखा जा सकता है। लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर या त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण भी मौजूद हों तो डॉक्टर से सलाह लेकर खून की जांच कराना उपयोगी हो सकता है।

2. विटामिन बी12 की कमी

विटामिन बी12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में जीभ लाल, सूजी हुई या चिकनी दिखाई दे सकती है। इसके अलावा कमजोरी, थकान, हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं।

हालांकि, केवल जीभ में बदलाव को देखकर विटामिन बी12 की कमी मान लेना सही नहीं है। इसकी पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।

3. फोलेट की कमी भी हो सकती है वजह

फोलेट यानी विटामिन बी9 की कमी भी एनीमिया और मुंह से जुड़े कुछ लक्षणों का कारण बन सकती है। कुछ मामलों में जीभ में लालिमा, दर्द या चिकनापन महसूस हो सकता है। लंबे समय तक संतुलित आहार न लेने वाले लोगों में पोषण संबंधी कमियों का जोखिम बढ़ सकता है।

4. मुंह में संक्रमण या सूजन

जीभ के रंग और सतह में बदलाव हमेशा पोषण की कमी की वजह से ही नहीं होता। मुंह में संक्रमण, सूजन, जलन या कुछ अन्य स्थानीय समस्याएं भी जीभ के स्वरूप को बदल सकती हैं। यदि जीभ में दर्द, सफेद या लाल धब्बे, सूजन, छाले या लगातार जलन जैसी समस्या हो, तो दंत चिकित्सक या डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

5. ग्लोसाइटिस का हो सकता है संकेत

ग्लोसाइटिस जीभ में होने वाली सूजन की स्थिति है। इसमें जीभ सामान्य से ज्यादा लाल, सूजी हुई और चिकनी दिखाई दे सकती है। कई बार इसमें जलन या दर्द भी होता है। इसके पीछे संक्रमण, एलर्जी, पोषण की कमी या अन्य कारण हो सकते हैं।

इसलिए जीभ में लंबे समय से बदलाव दिखाई दे रहा है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय इसके मूल कारण का पता लगाना जरूरी है।

किन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

जीभ के रंग और सतह में मामूली बदलाव कई बार अस्थायी हो सकते हैं। गर्म या मसालेदार भोजन, मुंह की जलन, डिहाइड्रेशन या कुछ दवाओं के कारण भी जीभ का स्वरूप बदल सकता है। लेकिन अगर बदलाव लगातार बना रहे या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

खास तौर पर जीभ में लगातार दर्द या जलन, निगलने में परेशानी, असामान्य सूजन, बार-बार खून आना, ठीक न होने वाले घाव या लंबे समय तक बने रहने वाले लाल-सफेद धब्बों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

अगर जीभ का लाल या चिकना होना कुछ दिनों में ठीक नहीं होता, बार-बार वापस आता है या इसके साथ कमजोरी, थकान, वजन कम होना, मुंह में घाव या अन्य असामान्य लक्षण मौजूद हैं, तो डॉक्टर या डेंटिस्ट से जांच कराएं। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक खून की जांच या अन्य परीक्षणों की सलाह दे सकते हैं।

ध्यान रखें: जीभ में किसी एक बदलाव का मतलब किसी खास बीमारी की पुष्टि नहीं होता। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित ओरल हाइजीन मुंह के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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