घाव पर ड्रेसिंग करते समय भूलकर भी न करें ये काम, बढ़ सकता है इंफेक्शन का खतरा; जानें सही तरीका

छोटी चोट, कट या खरोंच को अक्सर लोग मामूली समझकर घर पर ही साफ करके पट्टी कर लेते हैं। सर्जरी के बाद घाव की ड्रेसिंग भी कई बार घर पर करनी पड़ती है। लेकिन ड्रेसिंग के दौरान की गई छोटी-सी लापरवाही घाव को भरने के बजाय संक्रमण का कारण बन सकती है। गंदे हाथों से घाव छूना, इस्तेमाल की हुई ड्रेसिंग सामग्री को दोबारा लगाना या घाव पर बिना सलाह के तेज रसायन डालना जैसी गलतियां समस्या बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक घाव की देखभाल में केवल पट्टी बदलना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हाथों की स्वच्छता, घाव की सही सफाई, उपयुक्त ड्रेसिंग और संक्रमण के संकेतों पर नजर रखना भी जरूरी है।

ड्रेसिंग करते समय सबसे बड़ी गलती क्या है?

ड्रेसिंग से पहले और बाद में हाथों की अच्छी तरह सफाई न करना संक्रमण का जोखिम बढ़ाने वाली प्रमुख गलतियों में शामिल है। घाव को छूने से पहले हाथ साफ करना चाहिए और इस्तेमाल की गई पट्टी या घाव के संपर्क में आने के बाद भी हाथों की स्वच्छता जरूरी है। अगर दस्ताने पहने गए हैं, तब भी उन्हें हटाने के बाद हाथ साफ करने की जरूरत रहती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की हैंड हाइजीन संबंधी सिफारिशों में भी घाव या ड्रेसिंग के संपर्क के बाद हाथों की स्वच्छता पर जोर दिया गया है।

घाव पर हर तरह का एंटीसेप्टिक डालना सही नहीं

घाव को साफ करने के नाम पर हाइड्रोजन पेरोक्साइड या दूसरे तेज और जलन पैदा करने वाले रसायनों का मनमाने तरीके से इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वाउंड केयर संबंधी चिकित्सकीय साहित्य में सामान्य सलाइन या घाव के अनुकूल क्लीनिंग सॉल्यूशन को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसे कुछ एजेंट ऊतक को नुकसान पहुंचा सकते हैं और भरने की प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी रसायन या एंटीसेप्टिक को सीधे घाव पर लगाने से बचना बेहतर है।

पुरानी पट्टी हटाकर उसी सामग्री को दोबारा न लगाएं

घाव से निकली पुरानी पट्टी, गॉज या ड्रेसिंग सामग्री को दोबारा इस्तेमाल करना संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है। ड्रेसिंग बदलते समय गंदे और साफ सामान को अलग रखना चाहिए। पहले पुरानी ड्रेसिंग को सावधानी से हटाकर उचित तरीके से फेंकना चाहिए, फिर हाथों की स्वच्छता के बाद नई ड्रेसिंग सामग्री का इस्तेमाल करना चाहिए। अस्पतालों में ड्रेसिंग बदलने की प्रक्रिया में भी पुराने दस्ताने और ड्रेसिंग हटाने के बाद हाथ साफ करके नई ड्रेसिंग के लिए नए दस्ताने इस्तेमाल करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

घाव को बहुत ज्यादा रगड़ना भी नुकसानदायक

घाव की सफाई करते समय जोर से रगड़ने या उसकी सतह को बार-बार छेड़ने से बचना चाहिए। ड्रेसिंग का उद्देश्य घाव को साफ रखने के साथ उसे ऐसे वातावरण में रखना है, जिससे उपचार की प्रक्रिया बेहतर तरीके से चल सके। आधुनिक वाउंड केयर में उपयुक्त नमी बनाए रखने को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि घाव में बहुत अधिक तरल या रिसाव जमा रहने से आसपास की त्वचा नरम होकर खराब हो सकती है, इसलिए ड्रेसिंग का चुनाव घाव की स्थिति और रिसाव की मात्रा के अनुसार किया जाना चाहिए।

हर घाव के लिए एक जैसी ड्रेसिंग नहीं होती

मामूली कट या खरोंच और गहरे घाव की ड्रेसिंग एक जैसी नहीं होती। घाव कितना गहरा है, वह शरीर के किस हिस्से में है, उसमें कितना रिसाव हो रहा है, संक्रमण है या नहीं और आसपास की त्वचा की स्थिति कैसी है—इन सभी बातों को देखकर ड्रेसिंग का चुनाव किया जाता है। फोम, हाइड्रोजेल, एल्जिनेट, हाइड्रोफाइबर और एंटीमाइक्रोबियल ड्रेसिंग जैसी अलग-अलग सामग्रियों का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक किया जा सकता है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के घाव पर इस्तेमाल हुई ड्रेसिंग को देखकर अपने घाव पर भी वही सामग्री लगाना सही तरीका नहीं है।

इन लक्षणों को देखकर तुरंत सतर्क हो जाएं

ड्रेसिंग बदलते समय घाव की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। घाव के आसपास लालिमा, सूजन, गर्माहट या दर्द बढ़ना, पस या असामान्य डिस्चार्ज निकलना, बदबू आना या घाव से निकलने वाला पानी बढ़ जाना संक्रमण के संकेत हो सकते हैं। बुखार या ठंड लगने जैसे पूरे शरीर से जुड़े लक्षण दिखाई दें तो स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। संक्रमण की समय पर पहचान और उपचार घाव के लंबे समय तक बने रहने और गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

कौन-से घाव घर पर संभालना ठीक नहीं?

छोटे और सतही कट-खरोंच अक्सर प्राथमिक देखभाल के बाद ठीक हो सकते हैं, लेकिन गहरे घाव, गंभीर जलन, लगातार खून बहने वाली चोट, सर्जरी के बाद बिगड़ता घाव, डायबिटिक फुट अल्सर या संक्रमण के स्पष्ट संकेत वाले घाव को केवल घरेलू ड्रेसिंग के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे मामलों में डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी से घाव की जांच और ड्रेसिंग की सही तकनीक के बारे में सलाह लेना जरूरी हो सकता है। घाव की गहराई, संक्रमण का जोखिम और आसपास के ऊतकों को संभावित नुकसान जैसे कारक ड्रेसिंग के चुनाव और उपचार को प्रभावित करते हैं।

ड्रेसिंग का असली मकसद सिर्फ घाव ढकना नहीं

सही ड्रेसिंग घाव को बाहरी गंदगी और दूषित पदार्थों से बचाने के साथ उपचार के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने में मदद करती है। घाव के प्रकार के अनुसार ऐसी ड्रेसिंग चुनी जाती है जो जरूरत के मुताबिक नमी बनाए रखे, अतिरिक्त रिसाव को नियंत्रित करे और घाव से चिपककर नई बन रही त्वचा या ऊतक को नुकसान न पहुंचाए। यही वजह है कि ड्रेसिंग की सामग्री और उसे बदलने का अंतराल हर व्यक्ति और हर घाव में अलग हो सकता है।

ड्रेसिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान

ड्रेसिंग से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करें, साफ और उपयुक्त सामग्री तैयार रखें, पुरानी पट्टी को सावधानी से हटाएं, घाव को डॉक्टर की सलाह या उपयुक्त क्लीनिंग सॉल्यूशन से साफ करें और नई ड्रेसिंग को घाव की स्थिति के मुताबिक लगाएं। घाव को बार-बार हाथ से छूने, गंदे दस्ताने या सामग्री इस्तेमाल करने और बिना चिकित्सकीय सलाह के अलग-अलग दवाएं या रसायन लगाने से बचें। यदि घाव की हालत लगातार बिगड़ रही है या संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो घरेलू ड्रेसिंग जारी रखने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना अधिक सुरक्षित है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। घाव की गहराई, संक्रमण, सर्जरी के बाद की स्थिति, डायबिटीज या अन्य जोखिम कारकों के मामले में ड्रेसिंग और उपचार का तरीका डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार ही तय करें।

Check Also

बार-बार एक ही बात सोचते रहते हैं? ऐसे तोड़ें Repetitive Thinking का चक्रव्यूह, दिमाग को शांत करने में मदद करेंगे ये तरीके

क्या आपके दिमाग में भी कोई पुरानी बातचीत बार-बार चलती रहती है? कभी किसी गलती …