
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं। अगर आप इस बार अपने भाई के लिए राखी खरीदने की तैयारी कर रही हैं, तो अंक ज्योतिष के अनुसार उनकी जन्म तारीख के आधार पर राखी का रंग और डिजाइन चुनना खास माना जाता है।
मान्यता है कि जन्म तारीख से निकाला गया मूलांक व्यक्ति के स्वभाव और जीवन से जुड़े कई पहलुओं के बारे में संकेत देता है। अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक के स्वामी ग्रह के अनुरूप रंग, रत्न और रुद्राक्ष का चयन सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। ऐसे में रक्षाबंधन पर भाई के लिए सिर्फ खूबसूरत राखी ही नहीं, बल्कि उनके मूलांक के अनुसार शुभ मानी जाने वाली राखी या ब्रेसलेट भी चुना जा सकता है।
कैसे निकालें भाई का मूलांक?
अंक ज्योतिष में मूलांक 1 से 9 तक माने जाते हैं। इसे जन्म तारीख के अंकों को जोड़कर निकाला जाता है। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति का जन्म 28 तारीख को हुआ है, तो 2+8=10 और फिर 1+0=1 होगा। इस तरह उस व्यक्ति का मूलांक 1 माना जाएगा।
अंक ज्योतिष विशेषज्ञ वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, व्यक्ति की जन्मतिथि को उसके जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण कुंजी माना जाता है। इसी आधार पर सही रंग, राखी का आकार, रत्न या रुद्राक्ष चुनने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इससे रिश्तों में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने के साथ जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है।
मूलांक 1: 1, 10, 19 या 28 तारीख को जन्मे भाई
स्वामी ग्रह और राखी का रंग
अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 1 के स्वामी सूर्य माने जाते हैं। इसलिए इस मूलांक वाले भाई के लिए नारंगी, लाल या केसरिया रंग की राखी चुनना शुभ माना जाता है।
राखी का आकार
मूलांक 1 वालों के लिए गोल आकार की राखी को उपयुक्त माना गया है। बहनें गोल डिजाइन वाली राखी या इसी आकार के ब्रेसलेट का चुनाव कर सकती हैं।
रत्न और रुद्राक्ष
अगर आप भाई के लिए रत्न या रुद्राक्ष वाली राखी लेने की सोच रही हैं, तो मूलांक के अनुरूप उसका चयन किया जा सकता है। हालांकि रत्न धारण करने से जुड़े निर्णय व्यक्तिगत कुंडली और विशेषज्ञ सलाह के आधार पर लेना बेहतर माना जाता है।
मूलांक के अनुसार राखी चुनने की मान्यता
अंक ज्योतिष में प्रत्येक मूलांक का संबंध किसी न किसी ग्रह से माना जाता है। इसी वजह से अलग-अलग मूलांक के लिए अलग रंगों और प्रतीकों को शुभ माना जाता है। रक्षाबंधन के मौके पर भाई की जन्म तारीख देखकर राखी का चुनाव करना इसी ज्योतिषीय मान्यता पर आधारित है।
ऐसा माना जाता है कि जब बहन अपने भाई के व्यक्तित्व और मूलांक को ध्यान में रखकर राखी चुनती है, तो यह त्योहार के भावनात्मक जुड़ाव को और खास बना सकता है। हालांकि इन मान्यताओं का आधार ज्योतिषीय परंपराएं हैं और इन्हें वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
रक्षाबंधन पर राखी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
राखी चुनते समय सबसे जरूरी बात भाई की पसंद और सुविधा है। रंग या रत्न के साथ-साथ राखी का डिजाइन ऐसा होना चाहिए जिसे भाई रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से पहन सके। अगर रुद्राक्ष या रत्न वाली राखी चुनी जा रही है, तो उसकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता पर भी ध्यान देना चाहिए।रक्षाबंधन का असली महत्व भाई-बहन के रिश्ते, स्नेह और विश्वास में है। इसलिए मूलांक के अनुसार राखी चुनना एक पारंपरिक ज्योतिषीय विकल्प हो सकता है, लेकिन भाई के प्रति प्यार और शुभकामना ही इस पर्व की सबसे बड़ी भावना है।
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