
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और तेजी से बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हुए समझौते पर भारत की नजर है। भारत ने इस समझौते के संभावित प्रभावों का आकलन शुरू कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि इस समझौते की समीक्षा भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के नजरिए से की जा रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों पर लगातार करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों के बीच भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाने को प्रतिबद्ध है।
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के समझौते पर भारत का रुख
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हुए समझौते के असर को लेकर भारत स्थिति का बारीकी से अध्ययन कर रहा है। मंत्रालय का कहना है कि किसी भी क्षेत्रीय घटनाक्रम का आकलन केवल तत्काल परिस्थितियों के आधार पर नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा और पश्चिम एशिया में शांति एवं स्थिरता पर उसके संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों पर लगातार करीब से नजर रख रहा है। उन्होंने दोहराया कि भारत की प्राथमिकता अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है और इसके लिए जरूरत के मुताबिक आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पश्चिम एशिया के हालात पर भारत की नजर
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत के लिए क्षेत्र में होने वाले राजनीतिक और रणनीतिक बदलाव महत्वपूर्ण हैं। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच समझौते ने क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में भारत इस समझौते के संभावित असर और इससे पैदा होने वाली परिस्थितियों का मूल्यांकन कर रहा है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों को लगातार मॉनिटर कर रहा है। भारत की कोशिश क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर नजर बनाए रखने की है।
एलएसी पर चीन से बातचीत को लेकर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत-चीन सीमा स्थिति से जुड़े सवाल पर भी विदेश मंत्रालय ने अपना रुख स्पष्ट किया। मंत्रालय ने कहा कि भारत ने चीन के साथ बातचीत के दौरान हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि सीमा से जुड़े मुद्दे बेहद गंभीर हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और चीन दोनों के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। सीमा से जुड़े मामलों पर बातचीत के दौरान भारत इसी बात को लगातार रेखांकित करता रहा है कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के व्यापक हित में है।
भारत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता अहम
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हुए समझौते से लेकर पश्चिम एशिया के संघर्ष और भारत-चीन सीमा तक, विदेश मंत्रालय के बयानों से साफ है कि नई दिल्ली क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए है। भारत किसी भी ऐसे घटनाक्रम का आकलन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के व्यापक नजरिए से कर रहा है।
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