फिरोजाबाद की चूड़ियों का दुनिया में बजा डंका, 100 से ज्यादा देशों में पहुंचा यूपी का कांच उद्योग; ODOP ने बदली तस्वीर

फिरोजाबाद की पहचान बनी रंग-बिरंगी कांच की चूड़ियां अब देश की सीमाओं से निकलकर दुनिया के 100 से अधिक देशों में अपनी चमक बिखेर रही हैं। यूरोप से लेकर अमेरिका, जापान, जर्मनी, रूस, ईरान और मिडिल ईस्ट तक फिरोजाबाद के कांच से बने उत्पादों की मांग बनी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना ने स्थानीय कांच उद्योग को नई पहचान देने के साथ कारोबार को बढ़ाने के लिए लोन, सब्सिडी, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

फिरोजाबाद की चूड़ियों की विदेशों में बढ़ी मांग

उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद लंबे समय से कांच की चूड़ियों और कांच से जुड़े उत्पादों के लिए देशभर में जाना जाता है। यहां तैयार होने वाली रंग-बिरंगी कांच की चूड़ियां अब केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं हैं। इन उत्पादों की पहुंच अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक हो चुकी है और 100 से ज्यादा देशों में फिरोजाबाद के कांच उत्पादों की मांग दर्ज की जा रही है।

यूरोप और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों के अलावा जापान, जर्मनी और रूस में भी फिरोजाबाद के कांच उत्पादों की पहचान बनी है। ईरान और मिडिल ईस्ट के देशों में भी यहां तैयार होने वाले उत्पादों की मांग पहुंच रही है। इससे फिरोजाबाद के पारंपरिक कांच उद्योग को वैश्विक बाजार में अपनी जगह बनाने का मौका मिला है।

ODOP योजना से कांच उद्योग को मिला सहारा

उत्तर प्रदेश सरकार की One District One Product यानी ODOP योजना का उद्देश्य अलग-अलग जिलों के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देना है। फिरोजाबाद के लिए कांच उद्योग को इस योजना के तहत प्रमुख उत्पाद के तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।

योजना के जरिए कांच कारोबार से जुड़े लोगों और उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने के लिए कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें लोन, सब्सिडी, प्रशिक्षण और तकनीकी मदद जैसी सहायता शामिल है। इन सुविधाओं से स्थानीय उद्योग को आधुनिक जरूरतों के मुताबिक आगे बढ़ाने और कारोबार के विस्तार में मदद मिल रही है।

स्थानीय हुनर से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच

फिरोजाबाद के कांच उद्योग की सबसे बड़ी ताकत यहां वर्षों से विकसित हुआ पारंपरिक हुनर है। रंग, डिजाइन और कांच के उत्पादों की विविधता ने इस उद्योग को अलग पहचान दी है। अब इसी पारंपरिक कौशल को सरकारी सहयोग और आधुनिक तकनीकी सहायता का साथ मिल रहा है।

इसका असर यह है कि फिरोजाबाद में तैयार होने वाले कांच के उत्पादों का बाजार लगातार भारत से बाहर तक फैल रहा है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इन उत्पादों की मांग स्थानीय कारीगरों और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।

चूड़ियों से आगे बढ़ा फिरोजाबाद का कांच कारोबार

फिरोजाबाद को आमतौर पर चूड़ियों के शहर के तौर पर जाना जाता है, लेकिन यहां का कांच उद्योग सिर्फ चूड़ियों तक सीमित नहीं है। कांच से जुड़े अलग-अलग उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं और इन्हें विदेशी बाजारों में जगह मिल रही है।

ODOP के तहत मिलने वाली वित्तीय और तकनीकी सहायता ने इस पारंपरिक उद्योग को व्यापक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे फिरोजाबाद की स्थानीय पहचान अब वैश्विक कारोबारी पहचान में बदलती दिखाई दे रही है।

100 से ज्यादा देशों तक पहुंची फिरोजाबाद की पहचान

फिरोजाबाद की रंगीन कांच की चूड़ियों और अन्य कांच उत्पादों की 100 से अधिक देशों में पहुंच इस बात को रेखांकित करती है कि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों में वैश्विक बाजार की बड़ी संभावनाएं हैं। सरकारी योजना के तहत मिलने वाला सहयोग स्थानीय उद्योग को नई पहचान देने के साथ उसके विस्तार का रास्ता भी तैयार कर रहा है।

इस तरह फिरोजाबाद की चूड़ियां अब सिर्फ भारतीय सुहाग और श्रृंगार की पहचान नहीं रह गई हैं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग बाजारों में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हुनर और कारीगरी की पहचान भी बन रही हैं।

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