
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद होर्मुज स्ट्रेट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस कदम ने न सिर्फ पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी हिला कर रख दिया है। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद जहां तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, वहीं उसके पारंपरिक सहयोगी देशों ने भी इस सैन्य कदम से दूरी बना ली है।
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नौसेना की सख्ती, ईरानी जहाजों पर नजर
Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना की तैनाती के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। Donald Trump के निर्देश पर अमेरिकी नौसेना ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी है, ताकि ईरान से जुड़े जहाजों की आवाजाही को रोका जा सके। दावा है कि अमेरिका ने उन जहाजों पर सख्ती का आदेश दिया है, जो ईरान को किसी भी तरह का शुल्क या टोल दे रहे हैं, चाहे वे किसी भी देश के हों।हालांकि इसी बीच एक चीनी जहाज के इस रास्ते से गुजरने और उसे न रोके जाने की खबर ने स्थिति को और उलझा दिया है।
दुनिया के देश क्यों पीछे हटे? अमेरिका अकेला पड़ता दिखा
इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब अमेरिका के प्रमुख सहयोगी देशों ने इस कार्रवाई से दूरी बना ली। नाटो समेत कई पश्चिमी देशों ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी नए सैन्य संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेंगे।NATO से जुड़े देशों के रुख के बाद अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर India और China जैसे देश अपने ऊर्जा हितों को सुरक्षित रखने के लिए सीधे कूटनीतिक बातचीत का रास्ता अपना रहे हैं।
तेल संकट गहराया, वैश्विक बाजार में हड़कंप
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा ट्रांजिट रूट माना जाता है। वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से गुजरता है। इस तनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबी खिंचती है, तो इसका असर सीधे आम उपभोक्ता तक पहुंचेगा, खासकर एशियाई देशों में।
ईरान पर दबाव या युद्ध की रणनीति? उठ रहे सवालइस पूरे घटनाक्रम के बीच सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या ट्रंप प्रशासन का यह कदम केवल ईरान को घेरने की रणनीति है या फिर पश्चिम एशिया में बड़े संघर्ष की भूमिका तैयार की जा रही है।Iran की ओर से अब तक इस पर सख्त प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में मौजूद तनाव किसी बड़े टकराव की ओर इशारा कर रहा है।
होर्मुज की अहमियत क्यों है इतनी बड़ी?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान जैसे देशों का तेल और गैस निर्यात होता है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है। इसीलिए यहां किसी भी तरह की सैन्य हलचल पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बन जाती है।
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