
नई दिल्ली: भारत और जापान के बीच बढ़ती रणनीतिक और सैन्य साझेदारी अब आसमान में भी नजर आने वाली है। जापान पहली बार अपने F-2A लड़ाकू विमानों को भारत भेजने जा रहा है। सितंबर में जापानी एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के तीन F-2A फाइटर जेट राजस्थान के जोधपुर पहुंचेंगे, जहां वे भारतीय वायुसेना के साथ वीर गार्डियन 26 सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगे। खास बात यह है कि हजारों किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान अमेरिकी वायुसेना के एयर टैंकर जापानी लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन उपलब्ध कराएंगे।
पहली बार भारतीय धरती पर उतरेंगे जापान के F-2A
भारत और जापान के बीच होने वाला वीर गार्डियन हवाई अभ्यास इस बार कई मायनों में खास है। जापानी F-2A विमानों की भारत में पहली तैनाती दोनों देशों के रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जापानी मीडिया के मुताबिक, तीन F-2A लड़ाकू विमान ओकिनावा के रास्ते थाईलैंड होते हुए भारत आएंगे।
इन विमानों के साथ जापानी एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के करीब 110 जवान भी भारत पहुंचेंगे। अभ्यास के दौरान दोनों देशों की वायुसेनाएं संयुक्त रूप से हवाई युद्ध अभियानों और युद्धक परिस्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग करेंगी।
5600 किलोमीटर की दूरी, रास्ते में अमेरिका बनेगा ‘ईंधन सपोर्ट’
जापान से राजस्थान की दूरी करीब 5600 किलोमीटर है। इतनी लंबी दूरी तय करने वाले जापानी फाइटर जेट के लिए हवा में ईंधन भरने की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। इसी वजह से अमेरिकी वायुसेना के एयर टैंकर इस मिशन में अहम भूमिका निभाएंगे।
यात्रा के दौरान अमेरिकी एयर टैंकर हवा में ही जापानी F-2A विमानों में ईंधन भरेंगे। इससे लड़ाकू विमान लंबी दूरी तक उड़ान भर सकेंगे और उन्हें बार-बार जमीन पर उतरकर ईंधन भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
9 से 21 सितंबर तक जोधपुर में होगा अभ्यास
वीर गार्डियन 26 सैन्य अभ्यास का आयोजन राजस्थान के जोधपुर में 9 से 21 सितंबर के बीच किया जाएगा। जापानी विमान इसके लिए 1 सितंबर को फूकुओका प्रांत स्थित एयरबेस से भारत के लिए रवाना होंगे।
अभ्यास में दोनों देशों की वायुसेनाएं एक-दूसरे के साथ संचालन क्षमता, हवाई युद्ध की रणनीति और संयुक्त अभियानों से जुड़े अनुभव साझा करेंगी। ऐसे अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने में भी मदद करते हैं।
2023 में शुरू हुआ था वीर गार्डियन अभ्यास
भारत और जापान के बीच वीर गार्डियन हवाई अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। पिछले अभ्यास में भारतीय वायुसेना ने भी महत्वपूर्ण संसाधनों के साथ हिस्सा लिया था।
भारत की ओर से उस समय चार सुखोई-30 लड़ाकू विमान, दो C-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान और एक IL-78 एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर शामिल किया गया था। इस बार जापानी F-2A विमानों का भारत आना अभ्यास को पहले के मुकाबले और अधिक महत्वपूर्ण बना रहा है।
चीन की चुनौती के बीच बढ़ रहा भारत-जापान रक्षा सहयोग
भारत और जापान दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर सतर्क रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यासों की बढ़ती संख्या को रक्षा सहयोग मजबूत होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
जापान का F-2A लड़ाकू विमान भारत में पहली बार संयुक्त हवाई अभ्यास का हिस्सा बनेगा। इससे दोनों वायुसेनाओं को एक-दूसरे के लड़ाकू विमानों, संचालन प्रक्रियाओं और युद्धाभ्यास की क्षमताओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया