राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA ब्लॉक की मेगा रैली और शहरभर में लागू पाबंदियों के बीच व्यापारिक जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दावा किया है कि राजनीतिक रैलियों, यातायात डायवर्जन और प्रशासनिक पाबंदियों के चलते दिल्ली में करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं और लगभग 80 प्रतिशत कारोबार ठप हो गया, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
CTI का दावा: व्यापार जगत पर पड़ा सीधा असर
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों ने बताया कि राजधानी में रविवार के दिन जब बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक होनी चाहिए थी, तब राजनीतिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंधों के कारण व्यापारियों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ:
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लाखों दुकानें और प्रतिष्ठान बंद: CTI के मुताबिक, दिल्ली के कई प्रमुख बाजारों में आवाजाही बाधित होने और पाबंदियों के कारण व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ीं, जिससे कुल मिलाकर करीब ढाई लाख दुकानें प्रभावित हुईं।
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80% कारोबार रुका: व्यापारियों का कहना है कि शादियों के सीजन और त्योहारी माहौल के ठीक बीच इस तरह का ठहराव आना स्थानीय अर्थव्यवस्था और छोटे-बड़े कारोबारियों के लिए एक बड़ा झटका है।
राजनीतिक हलचल और व्यापारियों की चिंताएं
एक तरफ जहां रामलीला मैदान में विपक्ष की हुंकार और रोहतक में बीजेपी की पदयात्रा से राजनीतिक पारा अपने चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ आम व्यापारी और दुकानदार इस राजनीतिक खींचतान के बीच पिसते नजर आ रहे हैं। व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों के दौरान शहर के व्यावसायिक हितों और यातायात प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि रोजमर्रा का कारोबार प्रभावित न हो।
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