कसारी-मसारी का नाम-ओ-निशान मिटाएगी योगी सरकार: अतीक अहमद के गढ़ को अब मिलेगी ‘कृष्णपुरी’ के नई पहचान

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रयागराज में माफिया राज और उसके प्रतीकों को पूरी तरह से खत्म करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। कुख्यात माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के गढ़ के रूप में कुख्यात रहे कसारी-मसारी (Kasari Masari) इलाके का नाम अब बदलकर ‘कृष्णपुरी’ करने का बड़ा ऐलान किया गया है। प्रयागराज दौरे पर पहुँचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा के बाद से पूरे इलाके में सियासी हलचल तेज हो गई है।

माफिया के नाम से जुड़े हर निशान को मिटाने की तैयारी

कसारी-मसारी वही इलाका है जहाँ माफिया अतीक अहमद और उसके परिवार का लंबे समय तक वर्चस्व और आतंक रहा था। इसी क्षेत्र में अतीक अहमद का पुश्तैनी आवास और उसकी अवैध संपत्तियां भी थीं, जिन पर प्रशासन ने समय-समय पर बड़ी कार्रवाई की है। इस क्षेत्र को माफिया की पहचान से जोड़कर देखा जाता था। अब योगी सरकार ने इसका नाम बदलकर ‘कृष्णपुरी’ करने का निर्णय लिया है, जिसे माफिया संस्कृति के अंत और सांस्कृतिक पहचान की बहाली के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रयागराज में विकास और पुनरुद्धार का दौर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पूर्वांचल दौरे के दौरान लगातार विकास परियोजनाओं की सौगात दे रहे हैं। वाराणसी और मिर्जापुर के बाद प्रयागराज पहुँचे सीएम योगी ने न केवल गरीबों के लिए बनाए गए आवासों का भूमिपूजन किया, बल्कि शहर के पुराने और बदनाम नामों को बदलकर एक नई सकारात्मक पहचान देने का संकल्प भी दोहराया है। स्थानीय लोगों और संतों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।

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