
गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने ‘आलू से सोना’ वाले बयान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बनासकांठा का आलू आज पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। यहां आकर कोई यह दावा नहीं करता कि वह आलू से सोना बना देगा, क्योंकि यहां के किसान पहले से ही आलू के जरिए सोना पैदा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।
बनासकांठा में आलू किसानों की उपलब्धियों का किया जिक्र
30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में कृषि और डेयरी क्षेत्र में आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बनासकांठा ने पानी और बिजली जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए कृषि के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
मोदी ने कहा कि यहां के किसानों ने मेहनत, आधुनिक तकनीक और बेहतर कृषि प्रबंधन के जरिए आलू उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। आज बनासकांठा का आलू देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान बना रहा है।
राहुल गांधी के पुराने बयान पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने बयान का संदर्भ लेते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि बनासकांठा का आलू इतना प्रसिद्ध हो चुका है कि यहां किसी को आलू से सोना बनाने का सपना दिखाने की जरूरत नहीं है। यहां के किसान पहले से ही अपनी मेहनत से सोना पैदा कर रहे हैं।
दरअसल, राहुल गांधी के एक पुराने भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। इसमें आलू से सोना बनाने वाली मशीन का जिक्र सुनाई देता है। इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने कई बार कांग्रेस पर निशाना साधा है। हालांकि, उस भाषण के पूरे संदर्भ में राहुल गांधी ने यह बात नरेंद्र मोदी के कथन के रूप में कही थी। इसलिए वायरल क्लिप और पूरे भाषण के संदर्भ में अंतर समझना भी जरूरी है।
फ्रेंच फ्राइज प्लांट की क्षमता बढ़ने से किसानों को फायदा
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान बनास डेयरी के फ्रेंच फ्राइज प्रसंस्करण संयंत्र की विस्तारित इकाई का भी उद्घाटन किया गया। गुजरात के सनादर स्थित इस प्लांट की प्रसंस्करण क्षमता पहले दो टन प्रति घंटे थी, जिसे बढ़ाकर पांच टन प्रति घंटे किया गया है। इस विस्तार पर करीब 51.65 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय किसानों से अधिक मात्रा में आलू खरीदना और कृषि उत्पादों को प्रसंस्कृत करके बड़े बाजारों तक पहुंचाना है। इससे किसानों को केवल कच्चा आलू बेचने पर निर्भर रहने के बजाय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
बनास डेयरी के मॉडल की भी की तारीफ
पीएम मोदी ने बनास डेयरी की सहकारी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के संस्थान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डेयरी ने कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा उत्पादन को एक-दूसरे से जोड़ने की दिशा में काम किया है।
कार्यक्रम के दौरान बायो-CNG संयंत्रों और आधुनिक भंडारण सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि और पशुपालन में तकनीक का इस्तेमाल किसानों की आय और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मददगार हो सकता है।
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