Women Reservation News: 2029 से पहले लागू हो सकता है महिला आरक्षण, लोकसभा-विधानसभा सीटें बढ़ाने की तैयारी; SC-ST को भी मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार महिला आरक्षण को जमीन पर उतारने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में आरक्षण देने के लिए नए संवैधानिक संशोधन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। सरकार आगामी संसद सत्र में इस महत्वपूर्ण विधेयक को पेश करने और पारित कराने के लिए राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाकर महिला आरक्षण लागू करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए एक नए संविधान संशोधन विधेयक का मसौदा लगभग तैयार माना जा रहा है।

सीटों की संख्या बढ़ाने पर सरकार का फोकस

सरकारी स्तर पर हुई कई दौर की चर्चाओं के बाद तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी का प्रावधान शामिल किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, जहां तक संभव और व्यावहारिक होगा, सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करना और बढ़ती आबादी के अनुरूप जनप्रतिनिधित्व को मजबूत बनाना बताया जा रहा है।

परिसीमन को लेकर राज्यों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश

महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर लंबे समय से कई राज्यों की चिंताएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सरकार नए प्रस्ताव में यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि राज्यों के बीच सीटों के मौजूदा अनुपात में कोई बड़ा बदलाव न हो।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 1971 की जनगणना के आधार पर राज्यों के बीच सीटों का मौजूदा संतुलन बरकरार रखा जा सकता है। हालांकि, राज्यों के भीतर विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जा सकता है।

संविधान के कई अनुच्छेदों में हो सकता है संशोधन

जानकारी के मुताबिक, तैयार किए जा रहे मसौदे में संविधान के कई महत्वपूर्ण अनुच्छेदों में बदलाव का प्रस्ताव शामिल हो सकता है। इनमें अनुच्छेद 55, 81, 82, 170, 330, 332 और 334A प्रमुख रूप से शामिल हैं।

सरकार लंबित परिसीमन विधेयक में भी आवश्यक संशोधन करने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में गठित होने वाले परिसीमन आयोग को सीटों की संख्या बढ़ाने संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जा सकें।

महिला आरक्षण के साथ SC-ST प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा

सीटों की संख्या बढ़ने का सीधा फायदा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों को भी मिल सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत लोकसभा में SC वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या मौजूदा 84 से बढ़कर लगभग 136 तक पहुंच सकती है।

वहीं, ST समुदाय के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 47 से बढ़कर करीब 70 होने की संभावना जताई जा रही है। इससे संसद में इन वर्गों का प्रतिनिधित्व और अधिक मजबूत होगा।

2029 चुनाव से पहले लागू करने की तैयारी

सरकार का लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह लागू करना बताया जा रहा है। इसके लिए संसद में आवश्यक समर्थन जुटाने, विपक्षी दलों के साथ संवाद बढ़ाने और संवैधानिक प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

यदि प्रस्तावित संशोधन तय समयसीमा के भीतर पारित हो जाता है तो देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है। साथ ही संसद और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व का नया संतुलन भी देखने को मिल सकता है।

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