पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक प्रयोग देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी राज्य में संगठन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने के साथ-साथ अब आर्थिक मोर्चे पर भी नई तैयारी में जुटी दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी पश्चिम बंगाल में किसी बड़े और चर्चित बाहरी चेहरे को ‘लेटरल एंट्री’ के जरिए वित्त मंत्री बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। इस पूरी चर्चा में देश के जाने-माने अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद से जुड़े रहे संजीव सान्याल का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।
बंगाल की राजनीति में नया प्रयोग करने की तैयारी
राज्य की राजनीति में लंबे समय से स्थानीय बनाम बाहरी चेहरों की बहस चलती रही है। ऐसे में बीजेपी का यह संभावित कदम राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ऐसे चेहरे को सामने लाना चाहती है जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हो और आर्थिक मामलों पर मजबूत पकड़ भी हो।
सूत्रों का कहना है कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में केवल राजनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक विकास और निवेश के मुद्दे को भी प्रमुख एजेंडे के रूप में पेश करना चाहती है। इसी वजह से पार्टी किसी अनुभवी अर्थशास्त्री या नीति विशेषज्ञ को बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है।
संजीव सान्याल क्यों हैं सबसे आगे?
संजीव सान्याल देश के प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों में गिने जाते हैं। वह कई अहम आर्थिक नीतियों और सरकारी सलाहकार समितियों से जुड़े रहे हैं। अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास मॉडल पर उनकी पकड़ को बीजेपी अपने लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद मान रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बीजेपी संजीव सान्याल जैसे चेहरे को आगे करती है तो इससे पार्टी शहरी वोटर्स, शिक्षित वर्ग और उद्योग जगत को बड़ा संदेश देने की कोशिश कर सकती है। बंगाल में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के मुद्दों को लेकर भी पार्टी नई रणनीति बना सकती है।
‘लेटरल एंट्री’ मॉडल पर बीजेपी का फोकस
बीजेपी पहले भी अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को राजनीति और प्रशासन में जिम्मेदारी देती रही है। केंद्र सरकार में भी कई तकनीकी और विशेषज्ञ पृष्ठभूमि वाले लोगों को अहम जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल में भी इसी मॉडल को अपनाने की चर्चा तेज हो गई है।
पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि पारंपरिक राजनीति से अलग चेहरों को लाकर बीजेपी राज्य में नई राजनीतिक छवि बनाने की कोशिश कर सकती है। खासतौर पर आर्थिक मामलों में विशेषज्ञता रखने वाला चेहरा पार्टी को विपक्ष के मुकाबले अलग पहचान दिला सकता है।
विपक्ष को घेरने की तैयारी
बीजेपी बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को विकास और आर्थिक प्रबंधन के मुद्दे पर घेरने की रणनीति बना रही है। पार्टी का मानना है कि राज्य में उद्योग, रोजगार और निवेश जैसे मुद्दों पर जनता के बीच बड़ा नैरेटिव बनाया जा सकता है। ऐसे में किसी चर्चित अर्थशास्त्री को आगे लाना चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस संभावित फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में बीजेपी की रणनीति और स्पष्ट हो सकती है।
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