
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की इजरायल यात्रा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी संवेदनशील स्थिति से पहले इजरायल के प्रधानमंत्री को गले लगाने का संदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत जा सकता है। केजरीवाल ने इसे कूटनीतिक रूप से सोचने की जरूरत बताई है।
इजरायल यात्रा को लेकर उठाए सवाल
केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की Israel यात्रा और वहां के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ उनकी नजदीकी तस्वीरें उस समय सामने आई थीं जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर युद्ध की आशंका पहले से थी तो उस दौर में इस तरह के सार्वजनिक संदेश देने की क्या आवश्यकता थी।
कूटनीति में संतुलन जरूरी
आम आदमी पार्टी प्रमुख ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलन पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि भारत को मध्य पूर्व के सभी देशों के साथ संबंधों को संतुलित तरीके से निभाना चाहिए। केजरीवाल का कहना है कि ऐसे समय में प्रतीकात्मक तस्वीरें और सार्वजनिक संदेश अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अलग-अलग तरह से देखे जाते हैं।
सरकार से स्पष्टता की मांग
उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्टता देने की भी मांग की। केजरीवाल ने कहा कि देश की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध बेहद संवेदनशील विषय हैं, इसलिए सरकार को यह बताना चाहिए कि उस समय की कूटनीतिक रणनीति क्या थी।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
केजरीवाल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि विदेश नीति से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है।
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