पश्चिम बंगाल SIR: 38 लाख से ज्यादा अपीलों में सिर्फ 1.02 लाख का निपटारा, 37 लाख से अधिक मामले अब भी लंबित

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल चुनाव आयोग की जानकारी से अपीलों के निपटारे की रफ्तार सामने आई है। आयोग ने अदालत को बताया है कि SIR से जुड़े मामलों में कुल 38,20,683 अपीलें दाखिल की गई थीं। इनमें से अब तक 1,02,231 अपीलों का निपटारा हो सका है, जबकि 37,18,452 मामले अभी लंबित हैं।

38.20 लाख अपीलों में 37.18 लाख अभी लंबित

चुनाव आयोग ने अपने जवाबी हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने से संबंधित SIR आदेशों के खिलाफ बड़ी संख्या में अपीलें दाखिल हुई हैं। कुल 38.20 लाख से अधिक अपीलों में करीब 1.02 लाख मामलों पर ही फैसला हुआ है। इस तरह 37 लाख से ज्यादा अपीलें अभी संबंधित न्यायाधिकरणों के समक्ष लंबित हैं।

नाम जोड़ने और हटाने की अपीलों का अलग आंकड़ा नहीं

आयोग के हलफनामे में लंबित अपीलों का अलग-अलग वर्गीकरण नहीं दिया गया है। यानी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कुल लंबित मामलों में कितनी अपीलें उन मतदाताओं की हैं, जिनका नाम SIR के बाद मतदाता सूची से हट गया और कितनी अपीलें किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के खिलाफ दाखिल हुई है |

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था अपीलों का ब्योरा

पश्चिम बंगाल SIR से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से लंबित और निपटाई गई अपीलों का विस्तृत आंकड़ा पेश करने को कहा था। इसके बाद आयोग ने अदालत के समक्ष अपीलों की संख्या और उनके निपटारे की स्थिति का विवरण रखा है। मामला पश्चिम बंगाल कांग्रेस की SIR समिति के अध्यक्ष प्रसेनजीत बोस की याचिका से भी जुड़ा है।

SIR के बाद बड़ी संख्या में आए आवेदन

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद 17 दिसंबर 2025 से 7 अगस्त 2026 के बीच फॉर्म-6 के तहत 34.13 लाख आवेदन दाखिल किए गए। फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। इसमें पहली बार मतदाता बनने वाले लोगों के आवेदन के साथ वे आवेदन भी शामिल हैं, जिनके नाम पुनरीक्षण के दौरान हट गए थे।

अपीलों की सुनवाई के लिए बनाए गए हैं न्यायाधिकरण

SIR से जुड़े दावे और आपत्तियों के निपटारे के लिए बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारियों को लगाया गया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अपीलों पर फैसला करने के लिए 19 अपीलीय न्यायाधिकरण गठित किए गए थे। इन न्यायाधिकरणों की अध्यक्षता उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की ओर से की जा रही है।

नाम हटाए जाने से जुड़े मामलों पर पहले भी हुई चर्चा

इससे पहले अगस्त में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश आंकड़ों में SIR से जुड़ी करीब 38 लाख अपीलों का उल्लेख हुआ था। उस समय उपलब्ध RTI आंकड़ों के आधार पर अपीलों के निपटारे की संख्या करीब 83 हजार बताई गई थी। अदालत में यह मुद्दा भी उठा था कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से संबंधित अपीलों को किस तरह प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

अब 37 लाख से अधिक मामलों के निपटारे पर नजर

चुनाव आयोग के ताजा हलफनामे से साफ है कि SIR से जुड़े अपील मामलों का बड़ा हिस्सा अभी लंबित है। 38,20,683 कुल अपीलों में से 37,18,452 मामलों का निपटारा होना बाकी है। ऐसे में अब इन लंबित मामलों की सुनवाई और उनके वर्गीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

मुख्य आंकड़े: कुल अपीलें—38,20,683, निपटाई गई अपीलें—1,02,231, लंबित अपीलें—37,18,452।

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