
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनावी विवाद अब सियासी संग्राम में बदल गया है। मतदान के दौरान सामने आई गड़बड़ियों के बाद चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया है। इस सीट के नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे। आयोग के इस निर्णय के बाद तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
फाल्टा सीट क्यों बनी विवाद का केंद्र
फाल्टा सीट उस समय सुर्खियों में आई जब मतदान के दौरान कथित तौर पर बीजेपी के चुनाव चिह्न वाले बटन पर टेप लगा होने की शिकायत सामने आई। यह मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेता गया। इस सीट पर पहले ही यूपी के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच टकराव ने माहौल गरमा दिया था।
21 मई को रिपोलिंग, 24 को आएगा परिणाम
चुनाव आयोग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 285 केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया है। इसके साथ ही इस सीट की मतगणना भी अलग से 24 मई को कराई जाएगी, जबकि राज्य की बाकी सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित होंगे। आयोग के इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
अभिषेक बनर्जी का तीखा हमला
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के पोस्ट का जवाब देते हुए उन्होंने तीखी टिप्पणी की।
‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का जिक्र
अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का जिक्र करते हुए कहा कि विरोधी ताकतें इसे नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं होंगी। उन्होंने बीजेपी पर ‘बांग्ला-विरोधी’ राजनीति करने का आरोप भी लगाया। फाल्टा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी सियासी तकरार
रिपोलिंग के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। टीएमसी और बीजेपी समर्थक आमने-सामने हैं और दोनों दल एक-दूसरे पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।
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