Vayu Shakti 2026: रेगिस्तान में गरजे राफेल-सुखोई, भारतीय वायु सेना ने दिखाया दुश्मन के ठिकाने नेस्तनाबूद करने का दम

नई दिल्ली। युद्ध जैसी परिस्थितियों में त्वरित और सटीक हमला करने की अपनी क्षमता का जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए भारतीय वायु सेना ने ‘Exercise Vayu Shakti 2026’ के तहत अपनी मारक ताकत दुनिया के सामने रख दी। रेगिस्तान में गूंजती विमानों की गर्जना, सटीक बमबारी और समन्वित युद्ध कौशल ने यह साफ कर दिया कि देश की वायु शक्ति हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रेगिस्तान में सटीक प्रहार का जीवंत प्रदर्शन

‘वायु शक्ति-2026’ अभ्यास का मुख्य उद्देश्य युद्धकालीन हालात में दुश्मन के ठिकानों पर तेजी और सटीकता के साथ हमला करने की क्षमता को परखना और प्रदर्शित करना था। अभ्यास के दौरान विभिन्न लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हमलावर हेलीकॉप्टरों ने तय लक्ष्यों पर अचूक निशाना साधा। दुश्मन के बंकर, रनवे और कमान केंद्रों को एयर-टू-ग्राउंड गाइडेड बम और अत्याधुनिक मिसाइलों से भेदा गया।

राफेल से तेजस तक, आसमान से बरसी मारक शक्ति

अभ्यास में राफेल, सुखोई एसयू-30एमकेआई, एचएएल तेजस और मिराज 2000 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। इन विमानों ने हवा से जमीन पर मार करने वाले निर्देशित हथियारों का इस्तेमाल करते हुए सटीक हमले किए। आधुनिक एवियोनिक्स और नेटवर्क आधारित युद्ध प्रणाली के जरिए लक्ष्य साधने की क्षमता ने परिचालन तत्परता को मजबूती दी।

अपाचे-चिनूक की दहाड़, कम ऊंचाई पर रॉकेट दागे

पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार बोइंग अपाचे और बोइंग चिनूक हेलीकॉप्टरों ने भी कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए रॉकेट और तोपों से फायरिंग का अभ्यास किया। इसके साथ ही घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने (कैजुअल्टी इवैक्युएशन) और दुर्गम युद्धक्षेत्रों में उपकरण पहुंचाने जैसे अहम अभियानों को भी अंजाम दिया गया।

दिन-रात युद्ध क्षमता का परीक्षण

वायु शक्ति-2026 में दिन और रात दोनों परिस्थितियों में युद्ध अभियानों की तैयारी का व्यापक परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान वायु श्रेष्ठता स्थापित करने, जमीनी बलों को हवाई सहायता देने और रसद समर्थन उपलब्ध कराने जैसे एकीकृत अभियानों का सफल संचालन किया गया। यह अभ्यास सिर्फ सैन्य ताकत का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि प्रौद्योगिकी, विभिन्न प्लेटफॉर्म के एकीकरण और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का भी समन्वित उदाहरण रहा।

राष्ट्रीय प्रतिरोध का सशक्त स्तंभ

‘वायु शक्ति-2026’ ने बहु-क्षेत्रीय युद्ध क्षमता के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख स्तंभ के रूप में भारतीय वायु सेना की भूमिका को पुनः स्थापित किया है। आधुनिक हथियार प्रणालियों, प्रशिक्षित पायलटों और उच्च स्तर की परिचालन तैयारियों के साथ वायु सेना ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए वह हर पल सतर्क और सक्षम है।

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