
पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ पूर्वव्यापी सैन्य कार्रवाई शुरू करने का ऐलान कर दिया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने देशव्यापी आपातकाल घोषित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरों को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की मिसाइल क्षमता और नौसेना को पूरी तरह तबाह करने की चेतावनी देकर हालात को और गंभीर बना दिया है। तेहरान ने पलटवार की चेतावनी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनते दिख रहे हैं।
इजरायल ने क्यों किया हमला, क्या है रणनीति
इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने नागरिकों से सतर्क रहने और हवाई हमलों की आशंका को देखते हुए सुरक्षित आश्रयों के पास रहने की अपील की है। हालांकि फिलहाल आम लोगों को बम शेल्टर में जाने का निर्देश नहीं दिया गया है। इजरायल ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर ज्यादातर गतिविधियां रोक दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की संभावित मिसाइल लॉन्च क्षमता को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से की गई है।
ट्रंप का बड़ा बयान, ‘मिसाइल इंडस्ट्री को जमीन पर गिरा देंगे’
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर रहा है, जो यूरोप और अमेरिकी मुख्यभूमि के लिए खतरा बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि कई दौर की बातचीत नाकाम रहने के बाद सैन्य विकल्प चुना गया। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री और नौसैनिक क्षमता को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन चला रहा है। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हथियार नहीं डाले गए तो हमले और तेज होंगे।
तेहरान में धमाके, राष्ट्रपति सुरक्षित
ईरान की राजधानी तेहरान के मध्य हिस्से में कई विस्फोटों की खबर है। ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सुरक्षित हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि हमले के समय वह सुरक्षित स्थान पर थे। ईरानी टेलीविजन ने राष्ट्रपति भवन के आसपास धमाकों की पुष्टि की है।
भारत की एडवाइजरी, हेल्पलाइन जारी
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारत ने इजरायल में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों से स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और अत्यधिक सतर्क रहने को कहा है। 24×7 हेल्पलाइन नंबर +972-54-7520711 और ईमेल cons1.telaviv@mea.gov.in जारी किया गया है।
पाकिस्तान की चेतावनी, यात्रा से बचने की सलाह
पाकिस्तान ने भी अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जो नागरिक पहले से ईरान में हैं, वे अतिरिक्त सावधानी बरतें।
हवाई क्षेत्र बंद, क्षेत्रीय तनाव चरम पर
इजरायल और ईरान दोनों ने अस्थायी रूप से अपना-अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि जवाबी कार्रवाई तेज होती है तो यह टकराव सीमित संघर्ष से आगे बढ़कर व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। पिछले वर्ष भी सीमित अवधि का सैन्य टकराव हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
क्या बढ़ेगा युद्ध का दायरा?
तेहरान ने साफ कहा है कि अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई का “करारा जवाब” दिया जाएगा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह संघर्ष सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और कूटनीतिक समीकरण इस टकराव से सीधे प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल दुनिया की नजरें वॉशिंगटन, तेहरान और येरुशलम पर टिकी हैं।
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