लखनऊ: शनिवार को लखनऊ के अटल चौराहा पर सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर की गई विवादित टिप्पणी के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना का पुतला फूंका और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मौलाना अब्दुल्ला सलीम कौन हैं?
मौलाना अब्दुल्ला सलीम बिहार के एक धार्मिक विद्वान हैं, जो अक्सर सार्वजनिक बयानबाजी के लिए सुर्खियों में रहते हैं। उनका यह बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के परिवार को लेकर किया गया विवादास्पद टिप्पणी है, जिसने लखनऊ में लोगों की भावनाओं को भड़काया।
अटल चौराहा पर विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के परिवार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना अस्वीकार्य है। युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम के पुतले को आग के हवाले किया और यह चेतावनी दी कि अगर चार दिनों के अंदर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो राजधानी में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन सक्रिय
हजरतगंज स्थित अटल चौराहा पर पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की। हालांकि कुछ समय के लिए प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। अधिकारियों ने कहा कि कानून का पालन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भी दबाया नहीं जाएगा।
समाज में गलत संदेश नहीं जाना चाहिए
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐसे बयान समाज में गलत संदेश फैलाते हैं और इसे रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की कि मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की टिप्पणियों पर रोक लग सके।
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