लखनऊ: उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025’ को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी नीति के जरिए सरकार का लक्ष्य निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश के कोने-कोने में विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करना है। अब केवल सरकार ही नहीं, बल्कि निजी डेवलपर्स भी अपनी जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस बिजनेस पार्क विकसित कर सकेंगे।
क्या है निजी बिजनेस पार्क योजना और इसका मकसद?
योगी सरकार की इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ (Plug & Play) मॉडल विकसित करना है।
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आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: इन पार्कों में चौड़ी सड़कें, 24 घंटे बिजली-पानी, हाई-स्पीड इंटरनेट और वेयरहाउसिंग जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
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निवेश को प्रोत्साहन: देश-विदेश के बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक अनुकूल और प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार किया जाएगा।
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MSME को संजीवनी: यह योजना विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए वरदान साबित होगी, क्योंकि उन्हें फैक्ट्री लगाने के लिए तैयार जमीन और सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
कौन और कैसे उठा सकता है इस योजना का लाभ?
सरकार ने इस योजना में निजी डेवलपर्स के लिए द्वार खोल दिए हैं। योजना की मुख्य शर्तें और लाभ इस प्रकार हैं:
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भूमि की अनिवार्यता: डेवलपर्स को न्यूनतम निर्धारित क्षेत्र (संभावित 10 से 25 एकड़ या उससे अधिक) में बिजनेस पार्क विकसित करना होगा।
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सरकार की भूमिका: यूपी सरकार इसमें केवल जमीन उपलब्ध कराने या नीतिगत सहायता देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्टांप ड्यूटी में छूट और कैपिटल सब्सिडी जैसे वित्तीय प्रोत्साहन भी दे सकती है।
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रोजगार सृजन: अनुमान है कि इन पार्कों के बनने से स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
‘निवेश मित्र 3.0’ के साथ डिजिटल सुगमता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन उत्तर प्रदेश को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में नंबर-1 बनाना है। इसी दिशा में ‘निवेश मित्र 3.0’ पोर्टल को भी और सशक्त किया जा रहा है, ताकि निजी बिजनेस पार्क विकसित करने वाले डेवलपर्स को सभी अनुमतियां (Clearances) सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए समयबद्ध तरीके से मिल सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को दक्षिण पूर्व एशिया के एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।
औद्योगिक गलियारों से जुड़ेगी अर्थव्यवस्था
निजी बिजनेस पार्कों को प्रदेश के एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) के समीप विकसित करने को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और यूपी में बने उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजारों तक आसान होगी। जेवर एयरपोर्ट और इनलैंड वाटरवेज के साथ मिलकर ये बिजनेस पार्क राज्य की आर्थिक प्रगति के नए इंजन साबित होंगे।
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