
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में इस हफ्ते बड़ा हलचल देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश संगठन में लंबे समय से चल रही तैयारियों के बाद नई प्रदेश कार्यकारिणी के ऐलान की घड़ी अब बेहद करीब मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर सूची में जरूरी संशोधन पूरे कर लिए गए हैं और प्रदेश अध्यक्ष के लौटते ही इसे जारी किया जा सकता है। इसके साथ ही योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की भी चर्चा तेज हो गई है, जिससे कई नेताओं का कद बढ़ने की संभावना है।
कार्यकारिणी गठन के बाद अगला कदम: मंत्रिमंडल विस्तार
करीब डेढ़ साल तक चली संगठनात्मक प्रक्रिया के बाद दिसंबर में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हुई थी। इसके बाद जिला स्तर पर अधिकांश कार्यकारिणियों का गठन हो चुका है। अब सबकी नजरें प्रदेश कार्यकारिणी पर टिकी हैं। बताया जा रहा है कि लखनऊ से तैयार सूची को दिल्ली भेजा गया था, जहां केंद्रीय नेतृत्व ने कुछ नामों पर संशोधन सुझाए। इन बदलावों को शामिल करने के बाद अब सूची पूरी तरह तैयार है।
प्रदेश अध्यक्ष के विदेश दौरे से लौटने के बाद इसी सप्ताह नई कार्यकारिणी का औपचारिक ऐलान संभव है। इसके तुरंत बाद सरकार स्तर पर भी अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
60 तक पहुंच सकती है मंत्रियों की संख्या
उत्तर प्रदेश सरकार में इस समय कुल 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक रूप से यह संख्या 60 तक बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए नए चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद है। साथ ही, कुछ मौजूदा मंत्रियों को पदोन्नति देकर उनका कद भी बढ़ाया जा सकता है।
राज्य मंत्रियों के कुछ पद पहले से खाली हैं, क्योंकि कुछ नेता सांसद बन चुके हैं। इन खाली स्थानों को भरने के साथ-साथ संगठन में सक्रिय नेताओं को भी सरकार में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नाम इस सूची में चर्चा में हैं।
पश्चिम बंगाल प्रदर्शन का मिलेगा इनाम
हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन को भी यूपी में होने वाले इन बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं को संगठन और सरकार दोनों में प्राथमिकता मिल सकती है।
कई राज्य मंत्रियों और पदाधिकारियों ने पश्चिम बंगाल चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी। अब उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें बड़ा दायित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, जिन विधायकों और नेताओं ने वहां सक्रिय भागीदारी की, उनके लिए भी नए अवसर खुल सकते हैं।
2027 चुनाव की रणनीति पर फोकस
भाजपा अब पूरी तरह से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए नई कार्यकारिणी और मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दिया जा रहा है।इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जो आगामी चुनावों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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