UP Court Bomb Threat: लखनऊ से काशी तक 5 जिलों की कचहरी को उड़ाने की धमकी, NSG-ATS हाई अलर्ट पर; जज-वकील बाहर निकले

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश के पांच बड़े शहरों की अदालतों को शुक्रवार को एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। राजधानी लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, मेरठ और मिर्जापुर की कचहरियों को सरकारी ईमेल आईडी पर भेजे गए एक धमकी भरे मेल में निशाना बनाने की बात कही गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और न्यायिक महकमे में अफरा-तफरी मच गई। एहतियातन सभी कोर्ट परिसरों को खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं।

ईमेल मिलते ही थमी कार्यवाही, जज भी चेंबर से बाहर आए

धमकी का सबसे बड़ा असर वाराणसी जिला अदालत में देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में वकील और वादकारी मौजूद थे। मेल की जानकारी मिलते ही लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला जज संजीव शुक्ला भी अपने कक्ष से बाहर आ गए। अयोध्या और लखनऊ में भी तत्काल प्रभाव से अदालती कामकाज रोक दिया गया। अयोध्या बार के पूर्व अध्यक्ष सूर्य नारायण सिंह ने बताया कि सुरक्षा कारणों से सुनवाई स्थगित कर दी गई है और अगली तारीख सोमवार के लिए तय की गई है।

NSG, ATS और बम निरोधक दस्ता तैनात, चप्पे-चप्पे की तलाशी

धमकी मिलते ही यूपी पुलिस के साथ एटीएस (ATS) और बम निरोधक दस्ता सक्रिय हो गया। वाराणसी कचहरी में कई चरणों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। बाद में एनएसजी (NSG) कमांडो भी मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वॉड की मदद से पार्किंग, वकीलों के चेंबर और अदालत कक्षों की गहन जांच की गई। लखनऊ के एडिशनल सीपी शिवहरी मीणा ने बताया कि घंटों चली तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।

2007 वाराणसी ब्लास्ट की याद से बढ़ी चिंता

सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। 23 नवंबर 2007 को वाराणसी कचहरी परिसर में हुए सीरियल बम धमाकों में कई लोगों की जान गई थी। उस घटना की स्मृति आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। पूर्व बार अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी ने कहा कि अतीत को देखते हुए किसी भी चेतावनी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

साइबर सेल जुटी जांच में, मेल के ‘मास्टरमाइंड’ की तलाश

पुलिस के मुताबिक पांचों जिलों में भेजे गए ईमेल का प्रारूप लगभग एक जैसा है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे एक ही साजिशकर्ता हो सकता है। साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मेल किस सर्वर से भेजा गया और इसका स्रोत क्या है। अधिकारियों का कहना है कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है या फिर दहशत फैलाने की शरारती कोशिश। फिलहाल सभी जिलों में सघन चेकिंग अभियान जारी है और आम लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।

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