
राज्य के विकास की दिशा तय करने वाले बजट में इस बार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट पेश करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का जोर बुनियादी क्षेत्रों को मजबूत करने पर है। उन्होंने प्रमुख मदों में किए गए आवंटन का ब्यौरा देते हुए बताया कि शिक्षा और चिकित्सा के लिए कुल बजट का बड़ा हिस्सा निर्धारित किया गया है, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा पर सबसे अधिक जोर
वित्त मंत्री ने सदन में जानकारी दी कि कुल बजट का 12.4 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए निर्धारित किया गया है। सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही प्रदेश के समग्र विकास की नींव है। इस आवंटन के जरिए स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, उच्च शिक्षा संस्थानों को संसाधन उपलब्ध कराने और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की योजनाओं को गति मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुल बजट का छह प्रतिशत प्रावधान किया गया है। सरकार का फोकस जिला अस्पतालों को सशक्त बनाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने पर है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है।
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को भी मिला महत्व
बजट में कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए कुल व्यय का नौ प्रतिशत आवंटित किया गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों को भी इस आवंटन से मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकासोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर केंद्रित यह वित्तीय प्रावधान आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
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