मध्य पूर्व में एक बार फिर जंग के बादल गहराते नजर आ रहे हैं। ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2003 के बाद अब तक की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती कर दी है। अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक से लैस F-22 और F-35 लड़ाकू विमानों के साथ दो एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भी ईरान के नजदीक पहुंच चुके हैं। इस बढ़ती हलचल के बीच पोलैंड ने अपने नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने की एडवाइजरी जारी कर दी है, जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
2003 के बाद सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इराक युद्ध के बाद यह पहला अवसर है जब अमेरिका ने मध्य पूर्व में इतनी बड़ी संख्या में स्टील्थ फाइटर जेट्स की तैनाती की है। F-35 और F-22 रैप्टर जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर एयरक्राफ्ट, एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर और भारी सैन्य परिवहन विमान भी क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। ये सभी प्लेटफॉर्म किसी संभावित अभियान में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
एयरक्राफ्ट कैरियर भी पहुंचे करीब
अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln ईरान से लगभग 700 किलोमीटर की दूरी पर तैनात बताया जा रहा है। वहीं दूसरा कैरियर USS Gerald R. Ford भी मध्य पूर्वी क्षेत्र में पहुंच चुका है। इन कैरियर ग्रुप्स के साथ मिसाइल डेस्ट्रॉयर, पनडुब्बियां और सपोर्ट वेसल्स भी शामिल हैं, जो किसी भी ऑपरेशन को व्यापक सैन्य ताकत प्रदान करते हैं।
किन-किन विमानों की तैनाती?
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना के कई लड़ाकू और सपोर्ट विमान जॉर्डन के मुवफ्फक साल्टी एयर बेस और सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर उतारे जा चुके हैं। रिपोर्ट्स में F-35, F-15, F-16, F-22 रैप्टर, E-3 एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम और E-11 बैटलफील्ड कम्युनिकेशन एयरक्राफ्ट का जिक्र है। साथ ही KC-135 रिफ्यूलिंग विमान भी क्षेत्र में सक्रिय देखे गए हैं, जो लंबी दूरी के अभियानों के लिए हवा में ईंधन उपलब्ध कराते हैं।
सहयोगी देश भी अलर्ट
अमेरिका के साथ उसके सहयोगी देश भी सक्रिय हो गए हैं। यूनाइटेड किंगडम ने रॉयल एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों को ईरान के आसपास स्थित एयरबेसों पर तैनात किया है। इससे साफ है कि स्थिति सिर्फ द्विपक्षीय तनाव तक सीमित नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक असर डाल सकती है।
पोलैंड की सख्त चेतावनी
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो कुछ घंटों में निकासी संभव नहीं होगी। टस्क ने चेताया कि देरी करने वालों को दोबारा मौका न मिल पाए। उनकी यह अपील ऐसे समय आई है जब अमेरिकी और ईरानी तनाव को लेकर बड़े सैन्य अभियान की आशंका जताई जा रही है।
क्या युद्ध के कगार पर है क्षेत्र?
विश्लेषकों का मानना है कि इतनी व्यापक सैन्य तैनाती महज अभ्यास नहीं हो सकती। स्टील्थ फाइटर जेट्स, एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और सपोर्ट सिस्टम की मौजूदगी संकेत दे रही है कि अमेरिका हर संभावित परिदृश्य के लिए तैयार है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अंतिम फैसला राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां संभावित टकराव की ओर इशारा कर रही हैं।
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