
वैजयंतीमाला 93 साल की हो गई हैं। भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार कही जाने वाली इस दिग्गज अभिनेत्री ने अपने शानदार अभिनय, नृत्य और खूबसूरती से 1950 और 1960 के दशक में ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसे आज भी याद किया जाता है। कभी वह हिंदी सिनेमा की सबसे महंगी अभिनेत्रियों में शामिल थीं तो कभी उनकी निजी जिंदगी से जुड़े रिश्तों और अफवाहों ने सुर्खियां बटोरीं। राज कपूर के साथ उनके कथित अफेयर की चर्चाओं से लेकर आर्य समाजी डॉ. चमनलाल बाली से शादी तक, वैजयंतीमाला की निजी जिंदगी हमेशा लोगों की दिलचस्पी का विषय रही। 13 अगस्त 1933 को चेन्नई में जन्मीं वैजयंतीमाला आज 93 वर्ष की हो गई हैं और उम्र के इस पड़ाव पर भी कला और नृत्य से उनका जुड़ाव कायम है। मार्च 2024 में अयोध्या स्थित राम मंदिर में आयोजित ‘राग सेवा’ के दौरान उनकी भरतनाट्यम प्रस्तुति ने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
16 साल की उम्र में शुरू किया फिल्मी सफर
वैजयंतीमाला ने महज 16 साल की उम्र में तमिल फिल्म ‘वाजकाई’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद हिंदी सिनेमा में उनकी एंट्री फिल्म ‘बहार’ से हुई। शुरुआती सफलता के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और जल्द ही 1950 तथा 1960 के दशक की सबसे चर्चित और महंगी अभिनेत्रियों में अपनी जगह बना ली। अभिनय के साथ-साथ उनकी शानदार नृत्य प्रतिभा भी उनकी पहचान बन गई। यही वजह रही कि वैजयंतीमाला को भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार के तौर पर याद किया जाता है।
‘नागिन’ और ‘देवदास’ ने बदली पहचान
1954 में आई फिल्म ‘नागिन’ ने वैजयंतीमाला को बड़ी सफलता दिलाई। इसके बाद 1955 की ‘देवदास’ में चंद्रमुखी का किरदार निभाकर उन्होंने यह साबित किया कि वह केवल खूबसूरत अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि दमदार अभिनय करने वाली कलाकार भी हैं। इस भूमिका ने उन्हें एक समर्थ अभिनेत्री के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद ‘नया दौर’ (1957), ‘आशा’ (1957) और ‘गंगा जमुना’ (1961) जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
राज कपूर के साथ रिश्ते की चर्चाओं ने भी बटोरी सुर्खियां
वैजयंतीमाला की फिल्मों के साथ उनकी निजी जिंदगी भी उस दौर में लगातार चर्चा में रही। राज कपूर के साथ उनके कथित प्रेम संबंधों की खबरें फिल्मी गलियारों में खूब चलीं। दोनों ने साथ काम किया और उनकी ऑन-स्क्रीन जोड़ी को दर्शकों ने पसंद भी किया। हालांकि, उनके रिश्ते को लेकर उस समय तरह-तरह की बातें और अफवाहें सामने आती रहीं। निजी जिंदगी को लेकर चर्चाओं के बीच वैजयंतीमाला का नाम कई बार राज कपूर के साथ जोड़ा गया, लेकिन इन चर्चाओं के इतर उनकी जिंदगी आगे एक अलग मोड़ पर पहुंची।
आर्य समाजी डॉ. चमनलाल बाली से की शादी
बाद में वैजयंतीमाला ने डॉ. चमनलाल बाली से शादी कर ली। चमनलाल आर्य समाज से जुड़े हुए थे और पेशे से डॉक्टर थे। शादी के बाद वैजयंतीमाला की जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू हुआ और उन्होंने धीरे-धीरे फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली। उनकी शादी को लेकर भी उस समय काफी चर्चाएं हुईं। वैजयंतीमाला की निजी जिंदगी से जुड़े किस्सों में उनके परिवार की प्रतिक्रियाओं का भी जिक्र मिलता रहा। इसी संदर्भ में उन्हें लेकर ‘घर तोड़ने वाली लड़की’ जैसी टिप्पणी की चर्चा भी सामने आई थी।
‘ड्रग्स की लत’ वाली बात भी रही अफवाहों का हिस्सा
वैजयंतीमाला की निजी जिंदगी को लेकर समय-समय पर कई तरह की अफवाहें सामने आती रही हैं। इनमें कथित तौर पर ‘ड्रग्स की लत’ से जुड़ी बातें भी शामिल थीं। हालांकि, ऐसी बातों को अफवाह के तौर पर ही देखा जाना चाहिए और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं है। उनके बारे में उस दौर की फिल्मी पत्रिकाओं और चर्चाओं में कई किस्से प्रचलित रहे, जिनमें निजी रिश्तों से लेकर पारिवारिक मतभेदों तक की बातें शामिल थीं।
‘संगम’ में स्विमसूट वाले सीन से मचा था तहलका
राज कपूर की 1964 में आई फिल्म ‘संगम’ में वैजयंतीमाला एक अलग अंदाज में नजर आईं। फिल्म में उनका वन-पीस स्विमसूट वाला लुक उस दौर के लिहाज से बेहद बोल्ड माना गया और इसे लेकर खूब चर्चा हुई। उस समय हिंदी सिनेमा में अभिनेत्रियों का इस तरह के परिधान में नजर आना आम नहीं था। यही वजह थी कि ‘संगम’ में वैजयंतीमाला के इस लुक ने दर्शकों और फिल्म जगत दोनों का ध्यान खींचा।
चार फिल्मफेयर अवॉर्ड से लेकर पद्म विभूषण तक
वैजयंतीमाला ने अपने करियर में अभिनय और नृत्य के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल कीं। उन्हें चार फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले। भारत सरकार ने 1968 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया। इसके बाद वर्ष 2024 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। कला के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान उनके लंबे और प्रभावशाली करियर की अहम उपलब्धियों में शामिल है।
राम मंदिर में 90 की उम्र में किया शानदार भरतनाट्यम
वैजयंतीमाला ने उम्र को कभी अपनी कला के आड़े नहीं आने दिया। मार्च 2024 में 90 वर्ष की उम्र में अयोध्या के राम मंदिर में आयोजित ‘राग सेवा’ के दौरान उन्होंने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी थी। राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से जुड़े इस आयोजन में उनकी प्रस्तुति ने लोगों का खास ध्यान खींचा। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका मंच पर आना और नृत्य प्रस्तुत करना उनके कला के प्रति समर्पण की मिसाल माना गया।
फिल्मी पर्दे से दूरी, लेकिन पहचान आज भी कायम
वैजयंतीमाला का फिल्मी करियर भले ही लंबे समय पहले खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय सिनेमा के इतिहास में उनका नाम आज भी बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। अभिनय, नृत्य और स्टारडम—तीनों क्षेत्रों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्मों के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी के किस्से भी दशकों बाद लोगों की दिलचस्पी का विषय बने हुए हैं। 93 साल की उम्र में भी वैजयंतीमाला की सक्रियता यह बताती है कि एक सच्चे कलाकार की पहचान सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं रहती।
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