
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मौजूदा दौर को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह अमृतकाल नहीं बल्कि “सनातनियों का संकटकाल” है। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
सरकार पर सीधा हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार की नीतियों को समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।
दादरी रैली का जिक्र, कहा- सरकार घबराई
अखिलेश यादव ने अपनी हालिया दादरी रैली का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस रैली में उमड़ी भीड़ से सरकार के होश उड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन साफ दिख रहा है और यही वजह है कि सत्ता पक्ष बौखलाया हुआ है। उनके मुताबिक, दादरी की रैली ने यह संकेत दे दिया है कि प्रदेश में बदलाव की लहर चल रही है।
“सनातनियों के साथ अन्याय” का आरोप
सपा प्रमुख ने कहा कि मौजूदा समय में समाज के एक बड़े वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने “सनातनियों का संकटकाल” कहकर यह संकेत देने की कोशिश की कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार संतुलन बनाए रखने में विफल रही है। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
चुनावी रणनीति पर भी बोले
अखिलेश यादव ने आगामी चुनावों को लेकर भी अपनी रणनीति का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेगी और हर वर्ग को साथ लेकर चलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी को व्यापक समर्थन मिलेगा।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके “संकटकाल” वाले बयान को लेकरराजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होगी।
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