
इस्लामाबाद/पेशावर:
पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के खिलाफ चल रही संदिग्ध हत्याओं की कड़ी में एक और नाम जुड़ गया है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े शेख यूसुफ अफरीदी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है, वहीं इसे 2026 में अब तक मारे गए आतंकियों की संख्या में 30वां मामला बताया जा रहा है।
रहस्यमयी हमले ने बढ़ाई चिंता
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख यूसुफ अफरीदी पर उस समय हमला किया गया जब वह अपने ठिकाने के पास मौजूद था। हमलावरों ने बेहद नजदीक से गोली चलाई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद हमलावर फरार हो गए और अब तक उनकी पहचान नहीं हो सकी है। इस तरह की लगातार हो रही टारगेट किलिंग्स ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
2026 में लगातार निशाने पर आतंकी
बताया जा रहा है कि साल 2026 में अब तक 30 आतंकी संदिग्ध परिस्थितियों में मारे जा चुके हैं। इन घटनाओं का पैटर्न लगभग एक जैसा है—अज्ञात हमलावर, नजदीक से फायरिंग और मौके से फरार। हालांकि, इन हत्याओं की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन इन घटनाओं को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच तेज
घटना के बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है। इलाके की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही हमलावरों की पहचान कर ली जाएगी।
बढ़ते हमलों से आतंकी नेटवर्क में दहशत
लगातार हो रही इन हत्याओं ने आतंकी संगठनों के भीतर भी भय का माहौल पैदा कर दिया है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आतंकी अब अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं और अपनी गतिविधियों को सीमित कर रहे हैं।
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