नई दिल्ली। देश भर में 4 मार्च को होली की खुमारी छाने वाली है। बाजारों में गुलाल और मिठाइयों की रौनक बढ़ गई है, लेकिन बॉलीवुड के गानों के बिना होली का जश्न अधूरा सा लगता है। हर साल दर्जनों नए होली गीत रिलीज होते हैं, मगर एक गाना ऐसा है जो पिछले साढ़े चार दशकों से ‘किंग’ बना हुआ है। हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘सिलसिला’ के सदाबहार नगमे ‘रंग बरसे भीगे चुनर वाली’ की, जो आज भी हर होली पार्टी की जान है।
हरिवंश राय बच्चन की कलम और बिग बी की आवाज का करिश्मा
14 अगस्त 1981 को रिलीज हुई फिल्म ‘सिलसिला’ का यह गाना महज एक फिल्मी ट्रैक नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक विरासत बन चुका है। इस गाने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके बोल खुद अमिताभ बच्चन के पिता और प्रख्यात कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन ने लिखे थे। इतना ही नहीं, अमिताभ बच्चन ने खुद इस गाने को अपनी मखमली आवाज में पिरोया था। आज 45 साल बीत जाने के बाद भी जब ढोल की थाप पर ‘रंग बरसे’ बजता है, तो बच्चा हो या बुजुर्ग, हर कोई थिरकने पर मजबूर हो जाता है।
आखिरी बार पर्दे पर साथ दिखे थे अमिताभ और रेखा
यह गाना सिनेमाई इतिहास के एक बड़े अध्याय का गवाह भी है। ‘रंग बरसे’ वह आखिरी मौका था जब बॉलीवुड की सबसे चर्चित जोड़ी— अमिताभ बच्चन और रेखा —एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आई थी। इस गाने में उनके साथ जया बच्चन और संजीव कुमार भी दिखाई दिए थे। पर्दे पर इन सितारों के बीच की केमिस्ट्री और होली का वो देसी अंदाज आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। इसके बाद अमिताभ और रेखा ने फिर कभी किसी फिल्म में साथ काम नहीं किया।
बॉक्स ऑफिस पर पिटी फिल्म, लेकिन गानों ने रचा इतिहास
यकीन करना मुश्किल है कि जिस फिल्म के गाने आज देश के कोने-कोने में गूंजते हैं, वह फिल्म ‘सिलसिला’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई थी। दिग्गज निर्देशक यश चोपड़ा ने बड़ी मशक्कत के बाद रेखा और जया बच्चन को एक ही फ्रेम में लाने का ‘कास्टिंग कूप’ किया था। उस दौर में भारतीय दर्शकों ने फिल्म की कहानी को नकार दिया था, हालांकि विदेश (इंग्लैंड और अमेरिका) में रहने वाले हिंदी सिने प्रेमियों ने इसे काफी सराहा। आज भले ही फिल्म फ्लॉप की लिस्ट में हो, लेकिन इसके संगीत ने इसे अमर बना दिया है।
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