
ईरान में अमेरिका और इजराइल को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच ईरानी संसद में एक ऐसा प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्ताव में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वाले व्यक्ति को भारी इनाम देने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि यह इनाम करीब 500 करोड़ रुपए तक हो सकता है। दूसरी ओर, अमेरिकी मीडिया में दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर संभावित सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है।
ईरानी संसद में बड़ा प्रस्ताव लाने की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की संसद में कुछ कट्टरपंथी सांसद एक नया बिल पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। इस प्रस्ताव के तहत ट्रम्प और नेतन्याहू के खिलाफ कार्रवाई करने वाले व्यक्ति को आर्थिक इनाम देने की मांग की जा सकती है। ईरान में यह मुद्दा लगातार राजनीतिक और धार्मिक समूहों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्ताव पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को और भड़का सकता है। अमेरिका और इजराइल पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी सैन्य गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपना चुके हैं।
ट्रम्प ने टाला ईरान पर संभावित हमला
अमेरिकी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ आज होने वाली संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया। बताया जा रहा है कि अमेरिका के भीतर इस मुद्दे पर सुरक्षा एजेंसियों और सैन्य अधिकारियों के बीच लगातार बैठकें चल रही थीं।
हालांकि, अभी तक इस मामले पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन की ओर से संकेत मिले हैं कि वॉशिंगटन फिलहाल कूटनीतिक विकल्पों को भी खुला रखना चाहता है।
मध्य पूर्व में बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान की संसद में ऐसा कोई बिल पेश होता है तो इसका असर केवल अमेरिका और इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा। इससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ सकता है। पहले से ही गाजा, लेबनान और सीरिया को लेकर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।इजराइल ने भी साफ संकेत दिए हैं कि वह अपनी सुरक्षा के खिलाफ किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं अमेरिका लगातार अपने सहयोगी देशों के साथ रणनीतिक बैठकें कर रहा है।
दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान पर
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है। ट्रम्प प्रशासन के दौरान ईरान पर कई बड़े प्रतिबंध लगाए गए थे, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते और खराब हो गए। अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि ईरानी संसद में प्रस्ताव किस रूप में आता है और अमेरिका इसके जवाब में क्या कदम उठाता है।
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