
नई दिल्ली। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में ऐसा भूचाल आया जिसने निवेशकों को गहरे झटके में डाल दिया। बाजार खुलते ही भारी बिकवाली का दौर शुरू हुआ और देखते ही देखते लाखों करोड़ रुपये की पूंजी साफ हो गई। कुछ ही मिनटों में करीब ₹7.50 लाख करोड़ की मार्केट वैल्यू खत्म हो गई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।
शुरुआती कारोबार में ही बड़ा झटका
कारोबार की शुरुआत के साथ ही बाजार पर दबाव साफ नजर आया। प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली इतनी तेज रही कि बाजार का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया।
निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट
इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। कुछ ही समय में लाखों निवेशकों की पूंजी घट गई। जिन निवेशकों ने हाल ही में बाजार में पैसा लगाया था, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा। बाजार में फैली घबराहट के कारण छोटे निवेशक भी तेजी से शेयर बेचने लगे।
किन वजहों से आया बाजार में तूफान?
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, आर्थिक अनिश्चितता और बड़े निवेशकों की बिकवाली इस गिरावट की मुख्य वजह रही। इसके अलावा ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर बनी चिंता ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।
बड़ी कंपनियों के शेयर भी नहीं बचे
इस गिरावट में केवल छोटे शेयर ही नहीं, बल्कि दिग्गज कंपनियों के स्टॉक्स भी बुरी तरह प्रभावित हुए। कई ब्लूचिप शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार की कुल वैल्यू तेजी से नीचे आ गई।
निवेशकों में डर का माहौल
लगातार गिरते बाजार ने निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। कई निवेशक अब बाजार की दिशा को लेकर असमंजस में हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे समय में घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए और सोच-समझकर निवेश करना जरूरी है।
आगे क्या करें निवेशक?
बाजार विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से सोचें और जल्दबाजी में अपने पोर्टफोलियो में बदलाव न करें। मौजूदा उतार-चढ़ाव को बाजार का सामान्य हिस्सा मानते हुए रणनीति बनाना ही समझदारी होगी।
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