शहबाज शरीफ का अचानक सऊदी दौरा: ईरानी हमलों के बीच बढ़े तनाव को सुलझाने की कोशिश

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अचानक सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए हैं। उनके कार्यालय ने बताया कि यह दौरा सऊदी अरब के प्रधानमंत्री और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के व्यक्तिगत निमंत्रण पर किया गया है। यह दौरा विशेष रूप से उस समय हो रहा है, जब सऊदी अरब ईरान से हमलों का सामना कर रहा है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है।

पाकिस्तान की मुश्किल स्थिति: ईरान और सऊदी के बीच संतुलन

पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ एक मजबूत डिफेंस डील में बंधा हुआ है, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। वहीं, पाकिस्तान और ईरान के बीच भी करीबी दोस्ताना रिश्ते हैं। पड़ोसी और इस्लामी देशों के बीच संतुलन बनाना पाकिस्तान के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की यह सऊदी यात्रा रणनीतिक और संवेदनशील मानी जा रही है।

शहबाज शरीफ और मोहम्मद बिन सलमान की बैठक

Dawn की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बयान जारी किया कि यह दौरा क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर किया जा रहा है। इस दौरान दोनों नेता क्षेत्रीय तनाव, सुरक्षा की स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों पर विचार-विमर्श करेंगे। PMO ने कहा, “यह दौरा पाकिस्तान की सकारात्मक डिप्लोमैटिक भूमिका को हाईलाइट करता है और देश इसी भूमिका को निभाता रहेगा।”

सऊदी अरब के लिए पाकिस्तान की स्थिति पर सवाल

हाल ही में, प्रधानमंत्री के फॉरेन मीडिया स्पोक्सपर्सन मुशर्रफ जैदी ने कहा कि पाकिस्तान सऊदी अरब की जरूरत पड़ने पर हमेशा मौजूद रहेगा। लेकिन 28 फरवरी को ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमलों के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब के पक्ष में स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। पाकिस्तान दोनों देशों की लड़ाई में सीधे नहीं पड़ना चाहता, हालांकि आर्थिक मदद की संभावना उसे सऊदी अरब के करीब रखती है।

असीम मुनीर भी कर चुके हैं सऊदी दौरा

7 मार्च को पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, फील्ड मार्शल असीम मुनीर, सऊदी अरब गए थे। इस दौरान उन्होंने सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान अल सऊद से मुलाकात की और “किंगडम पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों से पैदा हुई सुरक्षा स्थिति” पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने स्ट्रेटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट के तहत आवश्यक जॉइंट उपायों पर भी बातचीत की।

सऊदी दौरे का महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का यह दौरा पाकिस्तान की क्षेत्रीय कूटनीति और आर्थिक हितों को संतुलित करने का एक प्रयास है। यह यात्रा पाकिस्तान की विदेश नीति में सऊदी अरब और ईरान के बीच संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा भी मानी जा रही है।

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