
SCO Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान आतंकवाद को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। पीएम मोदी ने साफ कहा कि संगठन के देशों को आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने और उसे मिलने वाली आर्थिक मदद पर रोक लगाने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात भी चर्चा में रही।
SCO मंच से आतंकवाद पर पीएम मोदी का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 1 सितंबर को SCO समिट 2026 में आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन को आतंकवाद के पूरे नेटवर्क के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करनी चाहिए। पीएम मोदी ने आतंकवाद को मिलने वाली वित्तीय सहायता को रोकने की जरूरत पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद को लेकर SCO के सदस्य देशों के बीच सहयोग लगातार अहम मुद्दा बना हुआ है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के जरिए आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक और निर्णायक कार्रवाई का संदेश दिया।
पाकिस्तान को लेकर क्या था पीएम मोदी का संदेश?
SCO सम्मेलन के मंच से आतंकवाद पर पीएम मोदी की टिप्पणी को पाकिस्तान के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के पूरे तंत्र और उसकी फंडिंग को खत्म करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान का भी जिक्र किया।
पीएम मोदी का जोर इस बात पर रहा कि आतंकवाद केवल किसी एक देश या क्षेत्र की समस्या नहीं है, बल्कि इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। आतंकवादी गतिविधियों को मिलने वाली आर्थिक मदद पर रोक लगाने को उन्होंने इस लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
पुतिन और जिनपिंग से पीएम मोदी की मुलाकात भी रही चर्चा में
SCO समिट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों ने सम्मेलन के दौरान भारत की कूटनीतिक सक्रियता को खासा महत्वपूर्ण बना दिया।
पीएम मोदी की इन बैठकों को वैश्विक राजनीति और भारत के रणनीतिक संबंधों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। एक तरफ आतंकवाद के खिलाफ भारत ने SCO के मंच से अपना रुख स्पष्ट किया, वहीं दूसरी ओर रूस और चीन के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत के जरिए भारत ने अपने कूटनीतिक संपर्कों को भी मजबूती दी।
अफगानिस्तान का भी पीएम मोदी ने किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अफगानिस्तान का उल्लेख करते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा के व्यापक मुद्दे की ओर भी ध्यान खींचा। SCO के लिए मध्य एशिया और आसपास के क्षेत्रों में स्थिरता, सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबला लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय रहे हैं।
पीएम मोदी का संदेश स्पष्ट था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए आतंकवादी नेटवर्क के साथ-साथ उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली आर्थिक मदद के स्रोतों पर भी प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।
SCO Summit 2026 क्यों है अहम?
शंघाई सहयोग संगठन का मंच भारत के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस सम्मेलन में पीएम मोदी का आतंकवाद पर जोर देना भारत की उस नीति को सामने रखता है, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और आतंक की फंडिंग रोकने पर विशेष जोर दिया जाता है।
SCO Summit 2026 में पीएम मोदी की पुतिन और जिनपिंग से मुलाकात तथा आतंकवाद पर उनका सख्त संदेश एक साथ कई कूटनीतिक संकेत देता है। सम्मेलन के दौरान भारत ने जहां आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की जरूरत बताई, वहीं प्रमुख वैश्विक नेताओं के साथ उच्चस्तरीय संपर्क भी जारी रखा।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया