रील ही नहीं रियल लाइफ के भी ‘सुल्तान’ हैं सलमान: पनवेल में संवार रहे 800 गरीब बच्चों का भविष्य, मुफ्त शिक्षा के साथ खाना-कपड़ा भी

नई दिल्ली | मनोरंजन डेस्क बॉलीवुड के ‘भाईजान’ सलमान खान अक्सर अपनी फिल्मों और बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड्स के लिए सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन कैमरे की चकाचौंध से दूर उनका एक ऐसा रूप भी है जो हजारों जिंदगियों में रोशनी भर रहा है। सलमान खान पनवेल में एक ऐसा स्कूल संचालित कर रहे हैं, जो गरीब और वंचित तबके के बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। शिक्षा को गरीबी मिटाने का सबसे सशक्त हथियार मानने वाले सलमान यहां हर साल लगभग 600 से 800 छात्रों को मुफ्त शिक्षा मुहैया करा रहे हैं।

किताबों से लेकर साइकिल तक, सब कुछ ‘बीइंग ह्यूमन’

पनवेल और उसके आसपास के इलाकों में चल रहे इन चैरिटी स्कूलों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं दिया जाता, बल्कि उनकी हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखा जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के इन बच्चों को स्कूल की वर्दी (यूनिफॉर्म), जूते, स्टेशनरी और पौष्टिक भोजन पूरी तरह मुफ्त दिया जाता है। इतना ही नहीं, दूर-दराज के इलाकों से आने वाले बच्चों के लिए साइकिल की भी व्यवस्था की गई है, ताकि लंबी दूरी उनकी पढ़ाई में बाधा न बन सके।

नामचीन संस्थाओं के साथ मिलकर बदली शिक्षा की सूरत

सलमान खान के इस नेक मिशन में ‘असीमा चैरिटेबल ट्रस्ट’ और ‘अक्षरा फाउंडेशन’ जैसे प्रतिष्ठित संगठन भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। इन संस्थाओं के साथ साझेदारी का ही नतीजा है कि आज महाराष्ट्र के कई ग्रामीण अंचलों तक शिक्षा की पहुंच आसान हो पाई है। सलमान का मानना है कि जब एक बच्चे को सही शिक्षा और संसाधन मिलते हैं, तो वह न केवल अपना भविष्य बदलता है बल्कि अपने पूरे समुदाय और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रगति के द्वार खोलता है।

परोपकार नहीं, सामाजिक बदलाव का बड़ा निवेश

अक्सर सेलिब्रिटीज दान-पुण्य करते हैं, लेकिन सलमान खान की यह पहल एक दीर्घकालिक सामाजिक निवेश की तरह है। पिछले कई वर्षों से लगातार चल रहे इन प्रयासों ने हजारों बच्चों को वह अवसर दिए हैं, जो उनके परिवारों के लिए किसी सपने जैसे थे। फिल्मी पर्दे पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले सलमान असल जिंदगी में अज्ञानता और गरीबी के खिलाफ एक मौन क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं। उनका यह कार्य साबित करता है कि एक सार्वजनिक हस्ती अगर चाहे, तो अपने प्रभाव से समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

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