नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर दुनिया भर में चल रहे कयासों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। भारत में ईरान के आधिकारिक प्रतिनिधि, अयातुल्ला डॉ. अब्दुल मजीद हकीम ईलाही ने एक विशेष साक्षात्कार में उस खौफनाक मंजर की सच्चाई साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खामेनेई की मौत हमले के वक्त मौके पर नहीं, बल्कि अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी। इस खुलासे ने उन तमाम सोशल मीडिया दावों को खारिज कर दिया है जिनमें उनके शव को मलबे में दबे होने की बात कही जा रही थी।
हमले के वक्त जीवित थे सुप्रीम लीडर, बेटी और दामाद की मौके पर ही मौत
डॉ. ईलाही ने भावुक होते हुए बताया कि शनिवार को तेहरान स्थित अयातुल्ला के कैंपस पर अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई भीषण बमबारी बेहद घातक थी। उन्होंने कहा, “यह सच है कि हमले के दौरान ही खामेनेई के दामाद और बेटी की जान चली गई थी, लेकिन सुप्रीम लीडर उस वक्त जीवित थे। उन्हें तुरंत रेस्क्यू कर अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्होंने दम तोड़ दिया।” यह बयान उन रिपोर्टों को झुठलाता है जिनमें इजरायल ने हमले के तुरंत बाद उनके मारे जाने का दावा किया था।
भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर बड़ा आश्वासन: ‘सेफ जोन’ में रखे गए छात्र
ईरान में फंसे हजारों भारतीय छात्रों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर डॉ. ईलाही ने भारत सरकार और अभिभावकों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि युद्ध के इन हालातों के लिए अमेरिका और इजरायली शासन जिम्मेदार है, लेकिन ईरानी सरकार की पहली प्राथमिकता भारतीय छात्रों की सुरक्षा है। उन्होंने बताया, “हमने भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों (Safe Places) पर शिफ्ट कर दिया है। जब भी वे भारत लौटना चाहेंगे, हमारी सरकार उनके सुरक्षित प्रस्थान के लिए पूरी व्यवस्था करेगी।”
अहमदी नेजाद की हत्या पर बोले प्रतिनिधि- ‘वे हर ईरानी को खत्म करना चाहते हैं’
पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद की हत्या की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी प्रतिनिधि ने इसे ईरान के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि दुश्मन केवल एक नेता को नहीं, बल्कि हर ईरानी नागरिक और शहर को तबाह करना चाहता है। डॉ. ईलाही के अनुसार, खामेनेई हमेशा एकता के पक्षधर थे और उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही ईरान इस संकट से बाहर निकलेगा। उन्होंने कहा कि ‘जालिम’ के खिलाफ आवाज उठाने वाला हर व्यक्ति खामेनेई के मिशन को आगे बढ़ाएगा।
सोशल मीडिया की तस्वीरों और दावों का खंडन
पिछले 48 घंटों से इंटरनेट पर ऐसी कई तस्वीरें वायरल हो रही थीं, जिनमें मलबे के बीच एक शव को खामेनेई का बताया जा रहा था। हालांकि, भारत में ईरानी प्रतिनिधि के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि वे तस्वीरें भ्रामक हो सकती हैं। हमले के बाद सुप्रीम लीडर को चिकित्सा सहायता दी गई थी, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद से पूरे खाड़ी देशों (Gulf Countries) में तनाव चरम पर पहुंच गया है और युद्ध की आग और भड़कने की आशंका है।
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