
ईरान युद्ध की पृष्ठभूमि में पहले से ही ऊर्जा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए एक और बड़ा झटका सामने आया है। चीन ने इस्लामाबाद को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए 220 मिलियन डॉलर (करीब सैकड़ों करोड़ रुपये) का बकाया तुरंत चुकाने को कहा है। भुगतान में देरी होने पर प्रोजेक्ट बंद करने की धमकी ने पाकिस्तान की आर्थिक मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
चीन का सख्त संदेश: तुरंत भुगतान करो वरना काम बंद
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजिंग ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाते हुए चीनी ऊर्जा कंपनी के बकाया भुगतान को लेकर अल्टीमेटम जारी किया है। चीन ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो संबंधित परियोजनाओं पर काम रोक दिया जाएगा।सूत्रों के मुताबिक, भुगतान में लगातार देरी से विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर हो रहा है, जिससे पाकिस्तान में चल रहे प्रोजेक्ट्स पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
गैस सप्लाई से जुड़ा है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बकाया उस गैस सप्लाई से जुड़ा है जो एक विदेशी ऊर्जा कंपनी द्वारा पाकिस्तान की सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) को दी जा रही है। फिलहाल SSGC को रोजाना 260 से 270 मिलियन क्यूबिक फीट गैस की आपूर्ति हो रही है।बताया जा रहा है कि आर्थिक दबाव के चलते संबंधित कंपनी को हाल के सप्ताहों में कर्मचारियों की छंटनी तक करनी पड़ी है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
SIFC ने भी बढ़ाया दबाव, निवेशकों का भरोसा दांव पर
स्पेशल इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल (SIFC) ने भी पाकिस्तान सरकार को तुरंत बकाया निपटाने की सलाह दी है। परिषद का मानना है कि अगर समय पर भुगतान नहीं हुआ तो विदेशी निवेशकों का भरोसा पूरी तरह डगमगा सकता है, जिससे आने वाले निवेश पर भी असर पड़ेगा।
ईरान युद्ध और ऊर्जा संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
पाकिस्तान पहले ही ईरान युद्ध के चलते तेल और गैस संकट से जूझ रहा है। ऐसे समय में चीन की सख्ती ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह केवल आर्थिक दबाव नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश भी हो सकता है।
क्या अमेरिका से बढ़ती नजदीकी बनी वजह?
काफी समय से यह चर्चा चल रही है कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ अपने संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में चीन की यह सख्ती एक संकेत मानी जा रही है कि बीजिंग अपने हितों को लेकर अब और ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकता है।विश्लेषकों का मानना है कि अगर पाकिस्तान संतुलन नहीं बना पाया, तो उसे दोनों महाशक्तियों के बीच दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
सिंध के बड़े गैस प्रोजेक्ट्स पर असर की आशंका
यह ऊर्जा कंपनी सिंध प्रांत के कई इलाकों—बादिन, ठट्टा, हैदराबाद (ग्रामीण), मीरपुरखास और खैरपुर—में बड़े गैस क्षेत्रों का संचालन करती है। इसके अलावा अरब सागर में ऑफशोर ब्लॉक्स और नए ऑनशोर प्रोजेक्ट्स भी इसके अधीन हैं।अगर भुगतान संकट जारी रहता है, तो इन सभी प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ सकता है, जिससे पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति और कमजोर हो सकती है।
आर्थिक संकट के बीच बड़ी चुनौती
पहले से आर्थिक तंगी झेल रहे पाकिस्तान के लिए 220 मिलियन डॉलर का तत्काल भुगतान करना आसान नहीं माना जा रहा। ऐसे में चीन की सख्ती ने इस्लामाबाद के सामने एक बड़ी वित्तीय और कूटनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।
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