
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित भव्य कार्यक्रम में कहा कि आज के वैश्विक तनाव और युद्ध के दौर में भी अयोध्या में ‘रामराज्य’ की अनुभूति हो रही है। उन्होंने इसे भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया।
रामराज्य की अनुभूति का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और अशांति का माहौल है, वहीं दूसरी ओर अयोध्या में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण बना हुआ है। राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना के इस पावन अवसर को उन्होंने “आनंदमयी क्षण” बताया।
उन्होंने कहा कि यही भारत की पहचान है, जहां साधु-संतों की परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों ने हमेशा समाज को दिशा दी है।
युवाओं को संस्कृति से जोड़ रहा राम मंदिर
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि राम मंदिर आज की युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का एक मजबूत माध्यम बन रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अब युवा नववर्ष की शुरुआत पर्यटन स्थलों पर जाने के बजाय मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर पर कहा कि राम मंदिर का निर्माण कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह करीब 500 वर्षों के लंबे संघर्ष और आस्था का परिणाम है। श्रीराम यंत्र की स्थापना के साथ ही मंदिर को पूर्णता प्राप्त हुई है, जो करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए गर्व और आस्था का केंद्र है।
राष्ट्रपति का किया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया और सभी रामभक्तों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अयोध्या पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में डूबी नजर आई।
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