
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय सचिवों के साथ हाईलेवल बैठक की अध्यक्षता की। नई दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में सरकार की नीतियों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को खास तौर पर युवाओं और विश्वविद्यालयों के साथ लगातार संवाद बढ़ाने की सलाह दी, ताकि देश की नीतियां तैयार करते समय नए विचारों और युवा सोच को शामिल किया जा सके।
युवाओं और विश्वविद्यालयों से जुड़ने की पीएम मोदी की सलाह
प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय अधिकारियों से कहा कि वे विश्वविद्यालयों और युवाओं के साथ संपर्क बढ़ाएं। उनका जोर इस बात पर रहा कि देश की युवा आबादी के अनुभव, विचार और नए आइडिया नीति निर्माण की प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावी बना सकते हैं। युवाओं से सीधे संवाद के जरिए सरकार को बदलती जरूरतों और नई चुनौतियों को समझने में भी मदद मिल सकती है।
नीति निर्माण में नए विचारों को मिले जगह
पीएम मोदी ने अधिकारियों को ऐसे प्रयास करने पर जोर दिया, जिनसे नीति निर्माण में नए और व्यावहारिक विचार सामने आ सकें। विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ संवाद बढ़ाकर नए सुझाव हासिल किए जा सकते हैं। इससे सरकारी नीतियों को जमीनी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिल सकती है।
केंद्रीय सचिवों के साथ पीएम मोदी की तीसरी हाईलेवल बैठक
प्रधानमंत्री मोदी की केंद्रीय सचिवों के साथ यह तीसरी हाईलेवल बैठक थी। बैठक प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई। पीएमओ की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को युवाओं और विश्वविद्यालयों से जुड़कर उनके विचारों को समझने तथा नीति निर्माण में उनका उपयोग करने की दिशा में काम करने को कहा।
प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब सरकार की नीतियों में युवाओं की भागीदारी, नए विचारों और नवाचार को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। विश्वविद्यालयों और युवा वर्ग के साथ संवाद बढ़ने से नीति निर्माण में जमीनी अनुभवों और बदलती आकांक्षाओं को शामिल करने का अवसर मिल सकता है।
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