PM Modi Birthday: 15 साल की उम्र में देखी थी ये फिल्म, आज तक नहीं भूले असर; जानें क्यों खास है ‘Guide’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं, जिनका जिक्र अक्सर उनके भाषणों और पुराने इंटरव्यू में मिलता रहा है। इन्हीं में से एक किस्सा हिंदी सिनेमा की मशहूर फिल्म ‘Guide’ से जुड़ा है। देव आनंद और वहीदा रहमान की मुख्य भूमिकाओं वाली यह फिल्म पीएम मोदी के किशोर जीवन पर भी अपनी छाप छोड़ने वाली फिल्मों में शामिल रही है। खास बात यह है कि जब नरेंद्र मोदी ने यह फिल्म देखी थी, तब उनकी उम्र महज 15 साल थी। फिल्म देखने के बाद इसकी कहानी और विचार उनके जेहन में लंबे समय तक बने रहे।

15 साल की उम्र में देखी थी ‘Guide’

‘Guide’ साल 1965 में रिलीज हुई थी। फिल्म में देव आनंद ने राजू नाम के एक गाइड की भूमिका निभाई थी, जबकि वहीदा रहमान ने रोजी का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी सिर्फ प्रेम और रिश्तों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि आगे चलकर यह आत्मबोध, विश्वास, परिस्थितियों और इंसान की अंतरात्मा जैसे विषयों को भी सामने लाती है।

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने फिल्म रिलीज के समय इसे देखा था और उस समय उनकी उम्र करीब 15 वर्ष थी। फिल्म ने उनके मन पर ऐसा प्रभाव छोड़ा कि कई साल बाद भी उन्होंने इसके मूल विचार को याद रखा।

‘Guide’ के इस विचार ने किया प्रभावित

फिल्म को लेकर नरेंद्र मोदी का एक विचार विशेष रूप से सामने आया है। उन्होंने बताया था कि ‘Guide’ का मूल भाव यह था कि आखिरकार इंसान को दिशा उसकी अपनी अंतरात्मा से मिलती है। यही विचार फिल्म को उनके लिए सिर्फ मनोरंजन से आगे ले जाता है।

फिल्म में राजू का सफर कई उतार-चढ़ाव से गुजरता है। वह एक टूरिस्ट गाइड से ऐसी स्थिति में पहुंच जाता है, जहां लोग उसे आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में देखने लगते हैं। कहानी के इस सफर में विश्वास, भ्रम, आत्मचिंतन और इंसान के भीतर चलने वाले द्वंद्व को प्रमुखता से दिखाया गया है।

सूखे और पानी की समस्या ने भी खींचा ध्यान

‘Guide’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गांव और वहां के सूखे की समस्या से जुड़ा है। फिल्म में पानी की कमी और सूखे से जूझते ग्रामीणों की स्थिति को कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया था। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, किशोर नरेंद्र मोदी ने फिल्म के इस पहलू को भी महसूस किया था और भारत के गांवों में पानी की समस्या की वास्तविकता पर उनका ध्यान गया था।

फिल्म का ग्रामीण हिस्सा केवल पृष्ठभूमि नहीं था। सूखे की मार, ग्रामीणों की उम्मीद और संकट के बीच विश्वास की भूमिका कहानी को एक अलग आयाम देती है। इसी वजह से ‘Guide’ को केवल एक रोमांटिक फिल्म के तौर पर देखना इसकी पूरी कहानी को सीमित कर देता है।

देव आनंद की फिल्म आज भी क्यों चर्चा में रहती है

‘Guide’ भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्मों में गिनी जाती है। देव आनंद और वहीदा रहमान की अदाकारी के साथ फिल्म की कहानी ने रिश्तों, सामाजिक सोच और आत्मिक बदलाव जैसे मुद्दों को भी सामने रखा। रिलीज के समय के लिहाज से फिल्म के विषय काफी अलग थे और आज भी सिनेमा प्रेमियों के बीच इसका जिक्र होता है।

पीएम मोदी के संदर्भ में ‘Guide’ की चर्चा इसलिए भी खास हो जाती है क्योंकि यह फिल्म उनके किशोर जीवन में देखी गई थी और इसके कुछ विचारों को उन्होंने वर्षों बाद भी याद किया। एक तरफ फिल्म का दार्शनिक पक्ष था, तो दूसरी तरफ गांवों में पानी और सूखे जैसी समस्याओं का चित्रण, जिसने किशोर दर्शक नरेंद्र मोदी का ध्यान आकर्षित किया था।

जन्मदिन पर फिर चर्चा में आया पुराना फिल्मी किस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को मनाया जाता है। 2026 में उनका 76वां जन्मदिन है और इस मौके पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं दी जा रही हैं। फिल्म जगत से भी कई कलाकारों ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी है। ऐसे में उनके जीवन से जुड़े पुराने फिल्मी किस्से भी एक बार फिर चर्चा में हैं।

‘Guide’ से जुड़ा यह किस्सा बताता है कि किसी फिल्म का असर सिर्फ उसके मनोरंजन तक सीमित नहीं रहता। कई बार कहानी में छिपे विचार और सामाजिक मुद्दे दर्शक के मन में लंबे समय तक जगह बना लेते हैं। नरेंद्र मोदी के लिए भी 15 साल की उम्र में देखी गई ‘Guide’ ऐसी ही फिल्मों में रही, जिसका प्रभाव उन्होंने वर्षों बाद भी याद किया।

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