
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हो रहे हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय स्थिरता, शांति और विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे वैश्विक चिंता का विषय बताया।
क्षेत्रीय शांति पर जोर, हिंसा पर जताई चिंता
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी देश में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हमला विकास और आम नागरिकों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। पीएम ने कहा कि भारत हमेशा शांति, स्थिरता और संवाद के जरिए समाधान का समर्थक रहा है।
भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा
दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर भी बातचीत हुई। खासकर व्यापार, कनेक्टिविटी और ऊर्जा सहयोग जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं को लेकर सकारात्मक विचार साझा किए गए। पीएम मोदी ने भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए साझेदारी को नई ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता जताई।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर साझा चिंता
फोन वार्ता में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी गहन चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने माना कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है। इस दौरान आपसी संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने पर सहमति बनी।
वैश्विक स्तर पर संदेश देने की कोशिश
इस बातचीत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जहां भारत ने साफ किया है कि वह हिंसा और अस्थिरता के खिलाफ है और विकास कार्यों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
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