ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों का काल बनी ‘HAMMER’ अब भारत में मचेगी खलबली, ड्रैगन और पाकिस्तान की खैर नहीं!

नई दिल्ली, रक्षा डेस्क। भारतीय वायुसेना की ताकत में अब एक ऐसा ‘हथौड़ा’ जुड़ने जा रहा है, जिसकी गूंज से दुश्मनों के बंकर और हौसले दोनों पस्त हो जाएंगे। राफेल लड़ाकू विमानों की सबसे घातक शक्ति कही जाने वाली हैमर (HAMMER) मिसाइल का निर्माण अब भारत की सरजमीं पर होगा। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत होने वाला यह समझौता न केवल भारत की मारक क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक मील का पत्थर साबित होगा।


बेंगलुरु में होगा महा-समझौता: राजनाथ सिंह और कैथरीन वॉट्रिन की मुलाकात

कल यानी 17 फरवरी को भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संबंधों का एक नया अध्याय लिखा जाएगा। बेंगलुरु में आयोजित होने वाली छठी भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन शिरकत करेंगे। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में हैमर मिसाइल के भारत में निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यह डील अगले 10 सालों के लिए दोनों देशों की सैन्य ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।

क्यों ‘हैमर’ को कहा जाता है आतंकियों का यमराज?

हैमर (Highly Agile Modular Munition Extended Range) का नाम ही इसकी खूबी बताता है। जिस तरह एक भारी हथौड़ा किसी भी ठोस चीज को चकनाचूर कर देता है, यह मिसाइल भी अपने लक्ष्य को नेस्तनाबूद करने के लिए जानी जाती है। 60 से 70 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली यह प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल पहाड़ी इलाकों और गहरे बंकरों में छिपे आतंकियों के लिए काल है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे संवेदनशील मिशनों में इसकी उपयोगिता पहले ही साबित हो चुकी है।

हैमर मिसाइल की वो 5 खूबियां, जो इसे बनाती हैं ‘बेजोड़’

यह मिसाइल आधुनिक युद्ध के मैदान में गेम-चेंजर क्यों है, इसकी प्रमुख वजहें नीचे दी गई हैं:

  • फायर एंड फॉरगेट: एक बार निशाना लॉक करके दागने के बाद पायलट को इसकी चिंता नहीं करनी पड़ती, यह खुद अपना रास्ता ढूंढ लेती है।

  • किसी भी मौसम का योद्धा: चाहे घनघोर अंधेरा हो या बर्फीला तूफान, हैमर हर समय सटीक वार करने में सक्षम है।

  • एक साथ 6 शिकार: एक अकेला राफेल विमान 250 किलोग्राम की छह हैमर मिसाइलें ले जा सकता है, जो एक साथ छह अलग-अलग ठिकानों को तबाह कर सकती हैं।

  • वजन और वार: यह 125 किलोग्राम से लेकर 1000 किलोग्राम तक के वॉरहेड (विस्फोटक) ले जाने में सक्षम है।

  • अचूक नेविगेशन: इसमें लगा आधुनिक नेविगेशन सिस्टम निशाना चूकने की गुंजाइश को शून्य कर देता है।

114 राफेल विमानों की डील पर भी रहेगी नजर

इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में सिर्फ मिसाइल ही नहीं, बल्कि 114 नए राफेल विमानों की बड़ी डील पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। योजना के अनुसार, इनमें से 96 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। इसके अलावा, टाटा और एयरबस के संयुक्त उपक्रम में बनने वाले H-125 हेलीकॉप्टर की असेंबली लाइन का उद्घाटन भी रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।

Check Also

रिजिजू के एक लेटर ने बदल दिया सियासी खेल, एक महीने बाद विपक्ष ने ऐसे बिगाड़ा सरकार का पूरा गणित

नई दिल्ली। केंद्र की राजनीति में एक महीने पहले लिखे गए एक पत्र ने अब …