
काठमांडू: भारत और नेपाल के पारंपरिक सैन्य रिश्तों के बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से शिष्टाचार मुलाकात की। काठमांडू स्थित सिंह दरबार में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई इस बैठक को दोनों देशों के सैन्य संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि बालेन शाह प्रधानमंत्री के साथ-साथ नेपाल के रक्षा मंत्री का प्रभार भी संभाल रहे हैं।
नेपाली सेना में मिला जनरल का मानद पद
जनरल धीरज सेठ की बालेन शाह से मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब इससे ठीक एक दिन पहले उन्हें नेपाली सेना में जनरल की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था। इस सम्मान समारोह में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह मौजूद नहीं थे। इसके बाद प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे बालेन शाह ने भारतीय सेना प्रमुख से शिष्टाचार भेंट की।
भारत-नेपाल सैन्य रिश्तों के लिए क्यों अहम है मुलाकात?
भारतीय सेना प्रमुख और नेपाल के प्रधानमंत्री के बीच हुई इस मुलाकात को दोनों देशों के पुराने और मजबूत सैन्य संबंधों के संदर्भ में देखा जा रहा है। भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से रक्षा और सैन्य क्षेत्र में सहयोग रहा है। नेपाल भारत से हथियारों की खरीद भी करता रहा है।
दोनों देशों की सेनाओं के बीच लंबे समय से विशेष संबंध रहे हैं। नेपाली नागरिकों की भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों के रूप में भर्ती भी भारत-नेपाल सैन्य रिश्तों का एक महत्वपूर्ण पहलू रही है। जनरल धीरज सेठ की बालेन शाह से मुलाकात ऐसे वक्त हुई है, जब भारतीय सेना में नेपाली गोरखाओं की भर्ती को लेकर भी चर्चा जारी है।
बालेन शाह के पास रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह फिलहाल रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे हैं। ऐसे में भारतीय सेना प्रमुख के साथ उनकी बैठक का महत्व और बढ़ जाता है। मुलाकात के दौरान दोनों देशों के सैन्य संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना को लेकर इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सैन्य संबंध हैं। ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के बीच होने वाली बैठकों को द्विपक्षीय संबंधों की दिशा के लिहाज से भी अहम माना जाता है।
गोरखा भर्ती के मुद्दे के बीच हुई मुलाकात
भारतीय सेना में नेपाली गोरखाओं की भर्ती की मांग के बीच जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा और प्रधानमंत्री बालेन शाह से उनकी मुलाकात पर भी नजरें हैं। गोरखा सैनिक लंबे समय से भारतीय सेना का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। ऐसे में भर्ती से जुड़े मुद्दे का भारत-नेपाल सैन्य संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।
जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना की ओर से जनरल की मानद उपाधि दिया जाना और इसके अगले दिन नेपाल के प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री बालेन शाह से उनकी मुलाकात दोनों देशों के सैन्य रिश्तों की अहमियत को रेखांकित करती है।
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