नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य दांव पर लगा है, ऐसे में सरकार को जवाबदेही तय करते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता
शशि थरूर ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। इससे न केवल छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर होता है, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था की साख पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक कड़ी मेहनत कर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करते हैं और ऐसी घटनाएं उनके सपनों को गहरा झटका पहुंचाती हैं।
केंद्र सरकार से मांगा जवाब
कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पेपर लीक जैसी घटनाएं आखिर कैसे हो रही हैं और इन्हें रोकने के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं। थरूर ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
पीएम मोदी से की विशेष अपील
शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त और प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो इसका सीधा असर देश के शिक्षा तंत्र पर पड़ता है।
परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की जरूरत
उन्होंने कहा कि देश में होने वाली बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सुरक्षा और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाना चाहिए। साथ ही दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति परीक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़ करने का साहस न कर सके।
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस लगातार जारी है। इस बीच विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि लाखों छात्र और अभिभावक निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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