सुप्रीम कोर्ट के गुंबद पर लगेगा ‘राष्ट्रीय चिन्ह’? CJI सूर्यकांत का बड़ा संकेत, बोले- याचिका नहीं, चिट्ठी लिखें

नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India की इमारत के गुंबद पर ‘राष्ट्रीय चिन्ह’ (अशोक स्तंभ) लगाए जाने की मांग को लेकर सुनवाई के दौरान सकारात्मक रुख देखने को मिला। चीफ जस्टिस Justice Surya Kant की अगुवाई वाली बेंच ने साफ कहा कि इस तरह के मुद्दे न्यायिक याचिका के बजाय प्रशासनिक स्तर पर उठाए जाने चाहिए।

याचिका पर कोर्ट का रुख: ‘न्यायिक नहीं, प्रशासनिक मामला’

इस मामले में दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट की मौजूदा इमारत के गुंबद पर भारत का ‘राष्ट्रीय प्रतीक’ स्थापित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से सीधे हस्तक्षेप की अपील की थी, लेकिन बेंच ने स्पष्ट किया कि यह विषय न्यायिक आदेश के दायरे में नहीं आता। अदालत ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे इस संबंध में प्रशासनिक रूप से चीफ जस्टिस को पत्र लिखें।

नई इमारत के साथ खुल सकता है रास्ता

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने संकेत दिया कि सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत के निर्माण का कार्य जारी है और इस संदर्भ में ‘राष्ट्रीय चिन्ह’ स्थापित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नई बिल्डिंग बनने के साथ इस मुद्दे पर निर्णय लेना अधिक उपयुक्त होगा।

मौजूदा इमारत पर भी उठे सवाल

याचिकाकर्ता ने जब मौजूदा इमारत पर ‘राष्ट्रीय चिन्ह’ लगाने को लेकर सवाल किया, तो सीजेआई ने भरोसा दिलाया कि इस पहलू पर भी विचार किया जाएगा। हालांकि उन्होंने दोहराया कि ऐसे अनुरोध अदालत में याचिका के रूप में नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिए आने चाहिए।

पहले भी भेजा जा चुका है प्रस्ताव

याचिकाकर्ता ने बताया कि वे पहले भी इस संबंध में मई 2025 में पत्र भेज चुके हैं, जिस पर नवंबर 2025 में जवाब मिला था कि सुप्रीम कोर्ट अपनी अलग पहचान और प्रतीक का उपयोग करता है। इस पर सीजेआई ने स्पष्ट किया कि वह जवाब उनके कार्यकाल शुरू होने से पहले जारी हुआ था और अब इस विषय को नए सिरे से देखा जा सकता है।

सेक्रेटरी जनरल को निर्देश, प्रशासनिक स्तर पर होगा फैसला

अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को निर्देश दिया कि इस मामले को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा जाए। इससे साफ है कि अब यह मुद्दा न्यायिक बहस से हटकर प्रशासनिक निर्णय के जरिए आगे बढ़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत: क्या है प्लान?

सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत का निर्माण दो चरणों में प्रस्तावित है। इसकी आधारशिला D. Y. Chandrachud ने 15 अक्टूबर 2024 को रखी थी। पांच मंजिला इस इमारत का निर्माण मौजूदा परिसर में ही किया जा रहा है, जिसका कुल निर्मित क्षेत्रफल करीब 86,500 वर्ग मीटर होगा। पहले चरण को पूरा करने के लिए 29 महीने का लक्ष्य तय किया गया है।

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